राहुल गांधी, सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव में मिली हार से उबरते हुए कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के सभी जिला-ब्लॉक अध्यक्षों से अपनी-अपनी विधानसभा सीटों के लिए तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल भेजने का निर्देश दिया है। इन तीन नामों में एक नाम किसी महिला का होना आवश्यक है। जिला अध्यक्षों को ये नाम 22 जून तक पार्टी को भेजने हैं। इन नामों में से उस सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। इस निर्देश के जरिये कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज को सबसे ज्यादा प्रमुखता दी जाएगी।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को अध्यक्ष शीला दीक्षित के नेतृत्व में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि 2020 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से कड़ी तैयारी की जाएगी। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी समय रहते की जाएगी जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में पर्याप्त काम करने का मौका मिले। इस बैठक में तीनों कार्यकारी अध्यक्षों हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव के अलावा सभी जिला-ब्लॉक के अध्यक्ष शामिल हुए।
दरअसल, शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पिछले विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमट गई कांग्रेस के लिए यह राहत भरी खबर है कि लोकसभा चुनाव में उसका वोट बैंक न सिर्फ वापस आया है बल्कि विधानसभा की सीटों के हिसाब से वह पांच सीटों पर नंबर एक और 42 सीटों पर नंबर दो पर रही है। जबकि पिछले चुनाव में उसका वोट बैंक खा जाने वाली आप तीसरे नंबर पर रही है। इससे पार्टी बहुत उत्साहित है और उसे उम्मीद है कि वह विधानसभा चुनाव में मजबूत वापसी करने में सफल रहेगी।