राहुल गांधी ने कांग्रेस की राजनीति और जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य बिहार और उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाति के लोगों को सम्मान दिलाना है। उन्होंने कहा कि पिछड़े समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात में सत्ता और सम्मान दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर जाति जनगणना की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय के लिए पहला और सबसे अहम कदम है।
दलितों और आदिवासियों के हाथों में कांग्रेस पार्टी की कमान...
राष्ट्रीय राजधानी में अपने निवास पर विश्वकर्मा समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने कहा, उनका मकसद कांग्रेस पार्टी की कमान ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), दलितों और आदिवासियों के हाथों में देना है। उन्होंने इसे इन समुदायों का 'हथियार' बताया और कहा कि इससे वे अपनी लड़ाई खुद लड़ सकेंगे। इस बैठक का वीडियो राहुल ने गुरुवार को अपने व्हाट्सएप चैनल पर भी साझा किया।
जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिलना चिंताजनक
राहुल गांधी ने कहा, उत्तर भारत और विशेषकर बिहार में अत्यंत पिछड़े वर्गों को उनके हक और सम्मान से वंचित किया जा रहा है। भाजपा और आरएसएस जैसे संगठन इन मूल समुदायों की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस उन्हें मजबूत करना चाहती है। उन्होंने कहा, यह चिंताजनक है कि पिछड़े और अति-पिछड़े समुदायों के लोग प्रशासनिक सेवाओं, मीडिया, कॉर्पोरेट सेक्टर, उच्च न्यायपालिका और सेना के वरिष्ठ पदों पर नगण्य हैं। इन समुदायों की समस्याओं का एकमात्र समाधान जातिगत जनगणना है। राहुल ने कहा, जब जनगणना होगी, तब इन समुदायों को वास्तविकता का पता चलेगा कि उनकी जनसंख्या के अनुपात में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
सामाजिक न्याय की लड़ाई में केवल सांकेतिक प्रतिनिधित्व मंजूर नहीं
कांग्रेस सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि इन समुदायों से आने वाले कुछ लोगों का विधायक या जनप्रतिनिधि होना पर्याप्त नहीं। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को सत्ता प्रणाली में भागीदारी के लिए लड़ना चाहिए। यह सिर्फ प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि सत्ता का संघर्ष है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण देते हुए कहा, जैसे भारत ने अधूरी आजादी को अस्वीकार किया, वैसे ही सामाजिक न्याय की लड़ाई में केवल सांकेतिक प्रतिनिधित्व स्वीकार नहीं किया जा सकता। पिछड़े समुदाय से आने वाले लोगों की एकजुट और सशक्त आवाज जरूरी है।
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गुजरात से शुरू हुई प्रक्रिया, दूसरे राज्यों में भी लागू करेगी कांग्रेस
राहुल गांधी ने यह भरोसा भी दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में इन समुदायों से आने वाले लोगों के साथ है। इनके प्रतिनिधित्व की शुरुआत पार्टी के भीतर से ही होगी। उदाहरण देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, गुजरात में जिला स्तर पर प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाएगा। जब इन समुदायों से मजबूत नेता उभरेंगे और उन्हें अपने समाज का समर्थन मिलेगा, तभी बदलाव की श्रृंखला शुरू होगी। उन्होंने पिछड़े समाज और उनके पारंपरिक हुनरमंद लोगों को सम्मान और समानता की यात्रा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
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गरीबों से सपने देखने का अधिकार भी छीना गया
इससे पहले एक अन्य बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घरों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब गरीबों से सपने देखने का अधिकार भी छीन लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार जब कोई आपको सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े बताए तो उन्हें अपने घरेलू बजट की सच्चाई बताएं। अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा।
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