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यूपी में विपक्षी गठबंधन से कांग्रेस बाहर, बसपा 40 और सपा 35 सीटों पर लड़ सकती है चुनाव

Tue, 12 Jun 2018 05:42 AM IST
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
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सपा, बसपा
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यूपी में महागठबंधन की चुनावी रणनीति में कांग्रेस बाहर रह सकती है। माना यह जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 35 और बहुजन समाज पार्टी 40 सीटों पर लड़ सकती हैं। बाकी सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी जाएंगी।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस समझौते की रूपरेखा के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा से समझौता करने के लिए वे दो-तीन सीटों का त्याग करने के लिए भी तैयार हैं। ऐसे में तीन सीटें राष्ट्रीय लोक दल को दी जा सकती हैं। सपा के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बन रही विपक्षी एकता में कांग्रेस को यूं तो शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन राहुल गांधी और सोनिया गांधी की सीटें अमेठी और रायबरेली पर विपक्ष अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा।

दरअसल, राज्य में कांग्रेस अपना आधार खो चुकी है। फूलपुर और गोरखपुर के लोकसभा उपचुनावों में अकेले लड़कर कांग्रेस के उम्मीदवारों को महज 19,353 और 18,858 वोट ही मिले। पा और बसपा नेताओं का मानना है कि कांग्रेस के पास अब न दलित वोट हैं, न पिछड़े और न ही अल्पसंख्यक। कांग्रेस को अधिकतर वोट सवर्णों के मिल रहे हैं जो भाजपा के भी वोट बैंक हैं। यानी कांग्रेस को मिल रहा हर वोट भाजपा के खाते से ही जा रहा है। 
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यदि कांग्रेस विपक्षी एकता में शामिल हो जाती है तो ये सवर्ण भी भाजपा में चले जाएंगे। इसीलिए सपा-बसपा को लगता है कि कांग्रेस के अलग लड़ने से ही उन्हें ज्यादा फायदा है। पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों के अलग-अलग लड़ने की वजह से भाजपा को सहयोगियों के साथ राज्य की 80 में से 73 सीटें मिली थीं जबकि सपा पांच और कांग्रेस दो सीटों पर ही जीत पाई थी। बसपा के खाते में एक भी सीट नहीं आई थी। यही वजह ही कि इस बार सभी विपक्षी दल साथ मिलकर लड़ने का प्रयास कर रहे हैं। 
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