कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि 10 मई 2025 को जरूर कुछ अहम घटनाएं हुईं, जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सैन्य अभियान रोकने की घोषणा की। पार्टी ने दावा किया कि इसी दिन भारतीय दूतावास द्वारा नियुक्त अमेरिकी लॉबिंग फर्म ने ट्रंप प्रशासन से व्यापार समझौते और ऑपरेशन की मीडिया कवरेज पर संपर्क किया।
कांग्रेस ने एक बार फिर आतंक के खिलाफ भारत के सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' में अमेरिका की भूमिका को लेकर बड़े सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि 10 मई 2025 को काफी कुछ हुआ, जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सबसे पहले ऑपरेशन सिंदूर रोके जाने की घोषणा की। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बता दें कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उस खुलासे के बाद आई है, जिसमें बताया गया कि वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने एक अमेरिकी लॉबी फर्म को नियुक्त किया था।
दस मई को जरूर कुछ अहम हुआ- जयराम रमेश
इस मामले में अब कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि 10 मई को जरूर कुछ अहम हुआ, जिसके चलते शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने की घोषणा की। वहीं कांग्रेस नेता अमिताभ दुबे ने कहा कि जिस दिन सैन्य कार्रवाई रोकी गई, उसी दिन अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव से भी संपर्क किया गया। इससे यह आशंका पैदा होती है कि व्यापार से जुड़े मुद्दे भी इस फैसले में शामिल हो सकते हैं।
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