कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस लोकसभा सांसदों की बैठक में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर नहीं आए। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक थरूर ने अपनी गैरमौजूदगी के बारे में पहले ही बता दिया था। थरूर के अलावा कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता-चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी भी बैठक में शामिल नहीं हुए। थरूर की सोशल मीडिया एक्स टाइमलाइन के मुताबिक वे बीती रात कोलकाता में प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मौजूद थे।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निचले सदन में कांग्रेस सांसदों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की और पार्टी विधायकों के विचार भी सुने और उनका फीडबैक भी लिया।राहुल गांधी ने शुक्रवार को दोनों सदनों में वंदे मातरम और चुनाव सुधार पर बहस के दौरान अपनी पार्टी के सांसदों के काम की तारीफ की, और दावा किया कि विपक्ष ने सरकार की कहानी की धज्जियां उड़ा दीं।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी सांसदों से कहा कि सरकार दोनों मुद्दों पर विपक्ष के "दबाव में" लग रही थी। बाद में पार्लियामेंट हाउस कॉम्प्लेक्स में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "वंदे मातरम् और एसआईआर पर उग्र चर्चा हुई। मुझे तो काफी अच्छा लगा क्योंकि दोनों चर्चाओं के दौरान हमने उनकी धज्जियां उड़ा दीं। वे मानसिक दबाव में थे।"
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परेशान थे और उन्होंने संसद में गाली-गलौज भी की। राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा, "तो वह मानसिक रूप से परेशान थे और दबाव में थे और इसका एक कारण है- पूरा सिस्टम वोट चोरी में शामिल है, यह पूरा देश जानता है।"
कांग्रेस की बैठक से थरूर की लगातार दूरी!
हालांकि पहली बार नहीं है जब थारूर की पार्टी की अहम बैठकों से अनुपस्थिति चर्चा में आई है। इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने 1 दिसंबर को आयोजित पार्टी की रणनीतिक समूह की बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने बताया था कि उस समय वे केरल से लौट रहे विमान में थे। उन्होंने कहा था, "मैंने बैठक नहीं छोड़ी; मैं केरल से आ रहा था और विमान में था।"
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सोनिया गांधी की एक बैठक से भी रहे थे नदारद
सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में पार्टी की शीतकालीन सत्र की रणनीति पर चर्चा होनी थी। थरूर की अनुपस्थिति पर राजनीतिक हलकों में चर्चा हुई थी, क्योंकि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से एसआईआर (विशेष गहन संशोधन ) पर हुई पार्टी बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। थरूर के ऑफिस के मुताबिक, सांसद अपनी 90 साल की मां के साथ फ्लाइट से यात्रा कर रहे थे, जिससे उनके लिए समय पर दिल्ली पहुंचना नामुमकिन हो गया। इसके अलावा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल केरल में स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।
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पुतिन के डिनर में थरूर की मौजूदगी पर भी उठे सवाल
हाल ही में थरूर पर तब भी नजरें टिकीं जब वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राज्य भोज में एकमात्र कांग्रेस नेता के रूप में आमंत्रित थे। जिस पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हल्का तंज कसते हुए कहा था कि हर किसी का जमीर बोलता है। जब मेरे नेता नहीं बुलाए जाते और मैं बुलाया जाता हूं, तो समझना चाहिए कि खेल क्यों और कौन खेल रहा है। और हमें इसका हिस्सा क्यों नहीं बनना चाहिए। ऐसे में कांग्रेस पार्टी की जरूरी बैठकों से शशि थरूर का बार-बार गायब रहना कांग्रेस में चर्चा का विषय बन गया है।
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