Shashi Tharoor News: कांग्रेस से दूरी के बीच तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में जाने की चर्चाएं तेज हो रही हैं। खबरें हैं कि शशि थरूर ने दुबई में माकपा से जुड़े लोगों के साथ बैठक की है, हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है।
केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर को लेकर सियासी चर्चाएं बीते कुछ वक्त से तेज हैं। कांग्रेस से दूरी की अटकलों के बीच अब खबरें हैं कि शशि थरूर माकपा के संपर्क हैं। दावा किया जा रहा है कि दुबई में उन्होंने सीपीआई-एम के नेताओं से मुलाकात की हैं। हालांकि इस मुद्दे पर शशि थरूर ने चुप्पी साध रखी है और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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थरूर CPI-M के संपर्क में
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन रिपोर्ट्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसमें उनके CPI(M) के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस से दूर चल रहे थरूर को लेकर रिपोर्ट में दावा किया गया है उनकी CPI-M से बातचीत चल रही है।
थरूर, जो हाल ही में दुबई में एक लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हो रहे हैं, उनसे रविवार (25 जनवरी) को मीडिया ने संपर्क दिया और उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। तो उन्होंने कहा कि दुबई की फ्लाइट के दौरान इस तरह कि रिपोर्ट्स देखीं और कहा कि विदेश में रहते हुए ऐसे मामलों पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा।
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कोच्चि में राहुल गांधी ने किया अनदेखा
दरअसल, थरूर की किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने की अटकलें तब शुरू हुईं, जब यह दावा किया गया कि कोच्चि में एक हालिया कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनकी अनदेखी की है। इधर, सत्तारूढ़ एलडीएफ के संयोजक टी पी रामकृष्णन ने रविवार को थरूर के साथ किसी भी बातचीत की खबरों से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने उनके पार्टी मेें आने के स्वागत कि ओर इशारा करते हुए साफ कहा कि एलडीएफ और CPI(M) ऐसे व्यक्तियों, समूहों या पार्टियों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, जो लेफ्ट फ्रंट के राजनीतिक रुख को स्वीकार करते हैं।
केरल में इसी साल विधानसभा चुनाव
दरअसल, केरल में इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य की राजनीति में शशि थरूर कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है। चार बार के सांसद शशि थरूर बीते कुछ समय से कांग्रेस की लाइन से हटकर बयान दे रहे हैं। इसी के साथ कई दफा उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा के रूख का समर्थन भी किया है। इसके अलावा लगातार पार्टी की बैठकों से भी दूर बनाकर चल रहे हैं। ऐसे में थरूर की राजनीतिक पारी को लेकर लगातार कयासों का दौर जारी है।