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Bharat Jodo Yatra: राहुल ने दादी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी, बुलढाना से आगे बढ़ी भारत जोड़ो यात्रा

Sat, 19 Nov 2022 09:48 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : एएनआई
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र चरण के 13वें दिन शनिवार को भी जारी रही। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर महिलाओं के बड़ी संख्या में पैदल मार्च में शामिल होने की उम्मीद है।

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 यात्रा में शामिल लोगों ने बुलढाणा जिले के शेगांव स्थित गजानन दादा पाटिल मार्केटयार्ड से सुबह छह बजे दिन की यात्रा शुरू की और जलांब के लिए रवाना हुए। पैदल मार्च भस्तान से होकर गुजरेगा और जिले के जलगांव जामोद कस्बे में रात्रि विश्राम करेगा।

पार्टी ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाएं और महिला निर्वाचित प्रतिनिधि दिवंगत पीएम इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर यात्रा में शामिल होंगी। रास्ते में राहुल गांधी ने स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की, जब वे उनके साथ चल रहे थे। 
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यात्रा रविवार की रात बुरहानपुर में मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। पैदल मार्च सात नवंबर को तेलंगाना से महाराष्ट्र पहुंचा था और 15 विधानसभा और छह संसदीय क्षेत्रों को कवर करते हुए नांदेड़, हिंगोली, वाशिम, अकोला और बुलढाणा जिलों को कवर कर चुका है। 
 

माफीवीर को सत्याग्रह के आगे झुकना पड़ा : राहुल गांधी
तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा का एक साल पूरा होने के मौके पर गांधी ने कहा कि माफीवीर को सत्याग्रह की ताकत के आगे झुकना पड़ा। लेकिन नीयत नहीं बदली। 

उन्होंने ट्वीट कर कहा, 733 किसान शहीद हुए थे। माफीवीर को सत्याग्रह की ताकत के सामने झुकना पड़ा। मगर, नीयत नहीं बदली। उन्होंने आरोप लगाया, काले कानून वापस लिए एक साल हो गया, मगर न किसी शहीद के परिवार को मुआवजा मिला और न ही किसानों की मदद के लिए कोई कदम उठाया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री की श्रद्धा सिर्फ अपने दो-तीन मित्रों के लिए है। 

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा में शामिल लोगों ने उन सैकड़ों किसानों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मौत हो गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल गुरु नानक जयंती के मौके पर देश के नाम संदेश में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी। इसके बाद संसद में विधेयक लाकर इन कानूनों को निरस्त किया गया था। इससे पहले, सैकड़ों किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करवाने की मांग को लेकर नवंबर 2020 से आंदोलन कर रहे थे। 
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