फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि विधेयक पर कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने उठाए सवाल, कहा- हमारे घोड़े से अपने गधे की तुलना न करे सरकार

Mon, 21 Sep 2020 01:46 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अहमद पटेल - फोटो : ANI
विज्ञापन

कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस को उसका घोषणा पत्र याद दिलाते हुए कहा कि विधेयक को लेकर कांग्रेस नेता राजनीति न करें। इस पर कांग्रेस सांसद अहमद पटेल कहा कि हमारा मैनिफेस्टो घोड़ा था, अपने गधे (विधेयक) के साथ उसकी तुलना न करें।

विज्ञापन


इस पर सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई लेकिन उपसभापति ने उन्हें शांत कर दिया। पटेल ने कहा बड़ी खोजबीन के बाद हमारे घोषणा पत्र के दो बिंदुओं को लेकर बात हो रही है। उसी घोषणा पत्र में किसानों से संबंधित 25 बिंदु और भी हैं मैं चुनौती देता हूं उन्हें भी बताएं। हमारा घोषणा पत्र इतना पसंद आ रहा है तो पूरा लागू करें किसानों को मजबूत बनाएं।


उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ दो-तीन चीज जानती है और उसमें माहिर है। पैकेजिंग करना, मार्केटिंग करना और मीडिया को मैनेज करना। पटेल ने शायराना अंदाज में सरकार पर कहा कि बंद लिफाफे को यूं सजा के भेजा उसने, कि है जहर पर लगे कि जिंदा कर जाएगा।
विज्ञापन


किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रही सरकार: राहुल
राज्यसभा से कृषि विधेयकों के पारित होने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। राहुल ने कहा, मोदी जी किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रहे हैं। देश यह कभी नहीं होने देगा।

राहुल ने रविवार को ट्वीट किया, मोदी सरकार के कृषि विरोधी काले कानून से किसानों को एपीएमसी या किसान बाजार खत्म होने से एमएसपी कैसे मिलेगा? बिल में एमएसपी की गारंटी क्यों नहीं है? इसके साथ ही उन्होंने हैशटैग किसान विरोधी नरेंद्र मोदी लिखा।

वहीं, कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज 73 वर्षों में सबसे अंधकारमय दिन है। पंडित जवाहरलाल नेहरू पहला संविधान संशोधन लाए थे ताकि किसानों को जमीदारों के शोषण से मुक्त किया जाए और जमीन अन्नदाता को सौंपी जाए। मोदी जी तीन कानून लाए हैं कि किसानों की जमीन और उनकी उपज नए जमीदारों यानी पूंजीपतियों को सौंप दी जाए।

साथ ही कहा कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इसलिए हुआ कि लॉर्ड डलहौजी ने भारतीयों से उनकी रियासतें, स्वशासन और हथियार छीन लिए थे। 2020 का स्वतंत्रता संग्राम इसलिए होगा की एक तानाशाह किसानों से उनकी जमीन और खेत खलिहान छीन रहा है। अब याचना नहीं रण होगा। अगर सब इतना सही है तो करोड़ों किसान और 250 किसान संगठन भाजपा का विरोध क्यों कर रहे हैं। क्या आप किसान की बुद्धि, समझ, संकल्प, हिम्मत और परिश्रम को चुनौती दे रहे हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें