सोमवार 19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष यूपी सरकार की जनसंख्या नियंत्रण नीति पर केंद्र को घेरने की तैयारी कर रहा है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी, हरनाथ सिंह यादव और अनिल अग्रवाल के अलावा राकेश सिन्हा भी यह कानून लाने के लिए प्राइवेट मेंबर बिल पेश कर चुके हैं।
माना जा रहा है कि इस पर छह अगस्त को चर्चा हो सकती है। लेकिन, इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने के लिए एक प्राइवेट मेंबर बिल लाने का प्रस्ताव पेश किया है। कांग्रेस सांसद के इस पक्ष में आ जाने से विपक्ष के विरोध की धार कमजोर पड़ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिंघवी के प्रस्ताव में भी लगभग वही मुद्दे उठाए गए हैं जिन्हें भाजपा सांसदों ने अपने प्रस्ताव में उठाया है। सिंघवी द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि जो सरकारी कर्मचारी दो बच्चों की नीति का पालन नहीं करते हैं उनकी सभी सरकारी सुविधाएं और सब्सिडी खत्म कर दी जानी चाहिए।
सिंघवी ने कहा है कि जो लोग दो बच्चों की नीति का पालन नहीं करते हैं, उन्हें पंचायत चुनाव, विधानसभा और लोकसभा सहित किसी भी चुनाव में भागीदारी लेने पर रोक लगा देनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि देश की जनसंख्या बेतहाशा रफ्तार से बढ़ती जा रही है, जबकि हमारे संसाधन उसी रफ्तार से सिकुड़ते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से चलता रहा तो आने वाले समय में हमारे देश के सामने खाद्यान्न, रोजगार और आवास का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। सिंघवी ने आगे कहा कि इन सभी संभावित समस्याओं का समय से निदान करने के लिए अभी से एक सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून को लाए जाने की बहुत जरूरत है।
ध्यान रहे कि इसके पहले भाजपा सांसद रामकिशुन शुक्ल भी इसे लेकर प्रस्ताव पेश कर चुके हैं। कांग्रेस में भी इस मुद्दे पर सहमति बनती दिख रही है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि अब दो बच्चा नहीं, एक बच्चा नीति अपनानी चाहिए। केंद्र को इसके लिए कानून लाना चाहिए और वे समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
अब कांग्रेस क्या करेगी
अब जनसंख्या नियंत्रण नीति पर संसद में कांग्रेस का रुख क्या होगा? अमर उजाला के इस सवाल पर कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में रही है। लेकिन इसके लिए अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने की भाजपा की रणनीति का वे विरोध करेंगे।
चौधरी ने कहा कि देश की भलाई के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जाना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर देश के किसी भी धर्म-समुदाय के लोगों को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। सबसे बेहतर होता कि अगर सरकार गरीबों-महिलाओं में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करती जिससे जनसंख्या पर स्वयं ही नियंत्रण हो जाता।
भाजपा ने किया स्वागत
भाजपा नेता सुदेश वर्मा ने कहा कि यह रचनात्मक राजनीति है, हम इसका स्वागत करते हैं। देश की समस्याओं के लिए सभी दलों को मिलकर कदम उठाने चाहिए। राजनीतिक मतभेद अलग रखकर कुछ मुद्दों पर साथ आ सकें तो इससे बहुत लाभ होगा। बढ़ती आबादी बड़ी समस्या है, इससे समय रहते निपटा जाना चाहिए।