राज्य सभा की 57 सीटों पर अगले महीने होने वाले चुनावों में कांग्रेस को 11 सीटें मिलने की संभावना है। इसके लिए पी चिदंबरम और जयराम रमेश सहित कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेताओं की नजर एक और कार्यकाल पर है। इससे कांग्रेस को संसद के ऊपरी सदन में अपनी पार्टी की स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। अगर कांग्रेस को 11 सीट मिलती हैं तो फिर उच्च सदन में उसके सदस्यों की संख्या 33 हो जाएगी जो फिलहाल 29 है।
सूत्रों का कहना है कि गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और राजीव शुक्ला सहित कांग्रेस के कुछ अन्य शीर्ष नेता राज्यसभा नामांकन के लिए इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा अगले दो महीनों में राज्यसभा में खाली होने वाली 55 सीटों में से सात कांग्रेस सदस्य पी चिदंबरम (महाराष्ट्र), रमेश (कर्नाटक), अंबिका सोनी (पंजाब), विवेक तन्खा (मध्य प्रदेश), प्रदीप टम्टा (उत्तराखंड), कपिल सिब्बल (उत्तर प्रदेश) और छाया वर्मा (छत्तीसगढ़) अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
कपिल सिब्बल ने दाखिल किया नामांकन
सूत्रों ने कहा कि कपिल सिब्बल को सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा राज्यसभा की पेशकश की गई थी, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इसके लिए तैयार नहीं था। जिसके बाद कपिल सिब्बल ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थन से निर्दलीय रूप से उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकन किया। उनका कहना है कि उन्होंने 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
यदि कांग्रेस राजस्थान में खाली हो रही सभी तीन सीटों को हासिल करने में सफल हो जाती है तो उसे उच्च सदन में तीन से चार सीटें मिलेंगी। वहीं, पार्टी को छत्तीसगढ़ में दो सीटें मिलने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ता में भी है। सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा कांग्रेस को तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र में भी एक-एक सीट मिलेगी, जहां अन्य समान विचारधारा वाले दलों के साथ उसका गठबंधन है। इसके अलावा, कांग्रेस को इन राज्यों में अपने विधायकों के बल पर हरियाणा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी एक-एक सीट मिलने की संभावना है।
पी चिदंबरम की नजर पर तमिलनाडु की राज्यसभा सीट पर
सूत्रों का कहना है कि पी चिदंबरम की नजर तमिलनाडु से राज्यसभा की इकलौती सीट पर है। इसी सिलसिले में वह पहले ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एम के स्टालिन से मिल चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम इस सीट के लिए पार्टी के डेटा एनालिटिक्स विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती के नामांकन पर जोर दे रही है। वहीं, यदि कर्नाटक में एकमात्र सीट के लिए जयराम रमेश का नाम पारित हो जाता है तो तीन बार के राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश को चौथा कार्यकाल मिलेगा। वहीं पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी इस सीट से दावेदार हैं। वहीं, हरियाणा में कुमारी शैलजा और कुलदीप बिश्नोई एक सीट के लिए मैदान में हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आनंद शर्मा के नामांकन पर जोर दे रहे हैं।
ये है गणित
सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास दो सीटें हैं और राजीव शुक्ला एक और कार्यकाल के लिए मैदान में हैं। राजस्थान से कांग्रेस को निश्चित रूप से दो सीटें मिलेंगी और कुछ विधायकों के समर्थन से एक और सीट भी मिल सकती है। अजय माकन और गुलाम नबी आजाद इन सीटों के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिल सकती है। इस सीट के लिए वासनिक और अविनाश पांडे दौड़ में चल रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस महा विकास अघाड़ी सरकार के साथ गठबंधन में है। सूत्रों ने कहा कि राज्यसभा की दौड़ कांग्रेस के पुराने नेताओं और युवा नेताओं के बीच भी है।