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सीबीआई बनाम सीबीआई की जंग में कूदी कांग्रेस, खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Sat, 03 Nov 2018 02:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Mallikarjun Kharge
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सीबीआई बनाम सीबीआई में अब कांग्रेस भी अदालती लड़ाई में आ गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आईपीएस अधिकारी आलोक वर्मा से सीबीआई निदेशक का अधिकार छीनकर उन्हें छुट्टी भेजने केसरकार केनिर्णय पर सवाल उठाया है।  

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खड़गे ने अपनी याचिका में कहा है कि बिना उच्चाधिकार कमेटी की अनुमति केसीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का निर्णय गैरकानूनी, दंडनीय और मनमाना है। उच्चाधिकार कमेटी में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और भारत केप्रधान न्यायाधीश होते हैं।  

खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि कार्मिक विभाग द्वारा 23 अक्टूबर को लिए गए इस निर्णय को दरकिनार कर दिया जाना चाहिए। सनद रहे कि आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच लड़ाई सार्वजनिक होने पर सरकार ने दोनों ही अधिकारियों  को छुट्टी पर भेजने का निर्णय लिया था।  
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अपने आवेदन में खड़गे ने कहा है कि दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेबलिसमेंट एक्टर की धारा-4ए व 4बी और विनीत नारायण मामले में सुप्रीम कोर्ट में दिए निर्देशों केतहत सीबीआई निदेशक का कार्यकाल संरक्षित होता है और यहां तक कि उच्चाधिकार कमेटी की पूर्व अनुमति के उनके तबादले की कवायद भी नहीं शुरू की जा सकती।  

खड़गे ने कहा है कि वह उस कमेटी के सदस्य हैं लेकिन इस मामले में उनसे कोई संपर्क किया गया और न ही आलोक वर्मा के अधिकार लेने व छुट्टी पर भेजने के निर्णय को लेकर हुई किसी बैठक में वह शामिल हुए। साथ खड़गे ने यह भी कहा कि अब तक यह भी सार्वजनिक नहीं हो सका है कि क्या इस तरह की कोई बैठक हुई थी।  लिहाजा यह लगभग साफ है कि यह निर्णय राजनीतिक स्तर से लिया गया।  

मालूम हो कि आलोक वर्मा ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए सरकार के इस आदेश को चुनौती दे रही है। खड़गे ने आलोक वर्मा के मामले के साथ ही अपनी अर्जी पर सुनवाई की गुहार की है।  

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छुट्टी पर भेजे गए हैं आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना 

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना दोनों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। आलोक वर्मा की जगह सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को एजेंसी का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है।  

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक (डायरेक्टर) राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उनपर एक कारोबारी सतीष बाबू सना से रिश्वत लेने का आरोप है। यह मामला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़ा हुआ है। 

वहीं, अस्थाना ने भी पलटवार करते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। बता दें कि सीबीआई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो शीर्ष अधिकारी ही एक-दूसरे के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप लगा रहे हैं। 

इस मामले में एजेंसी ने सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। डीएसपी देवेंद्र कुमार को राकेश अस्थाना का चहेता अधिकारी माना जाता है। सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारकर 8 मोबाइल फोन और 1 आईपैड जब्त किया है। साथ ही मोइन कुरैशी मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
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