राहुल गांधी-प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ काम करने वाले तमाम वरिष्ठ नेता बृहस्पतिवार को इस इंतजार में बैठे थे शायद उन्हें राजीव गांधी से जुड़ी यादें साझा करने का मौका मिले। जबकि कांग्रेस नेतृत्व ने राजीव गांधी को याद करने के लिए जिस कार्यक्रम का तानाबाना बुना था उसकी कमान युवा नेताओं के हाथ सौंप दी थी। दरअसल कांग्रेस नेतृत्व ने कहीं न कहीं इस कार्यक्रम से इस बात के स्पष्ट संकेत दिए है कि भविष्य में युवाओं की भूमिका अहम होनी वाली है।
पार्टी में जो वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के हाथ कमान आने के बाद खुश थे उन्हें मंच पर उतरी युवाओं की टोली ने निराश जरूर किया होगा। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में पार्टी ने जिन चार युवा नेताओं को राजीव गांधी की नीति और सोच पर बोलने का मौका दिया वे सभी उस समय बच्चे थे। हालांकि चारों नेताओं की पृष्ठभूमि एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस की रही है।
दरअसल राजीव गांधी की 75वें जन्म वर्ष को यादगार बनाने के लिए कार्यक्रमों का जो तानाबाना बुना उसके पीछे महासचिव प्रियंका गांधी की भूमिका थी। कार्यक्रम की रूपरेखा और कलाकारों का चयन एक इवेंट कंपनी ने किया। छोटे बच्चों से दीप प्रज्जवलित कराया गया।
वक्ताअें में कांग्रेस अध्यक्ष के संबोधन से पहले चार युवा नेताओं मध्यप्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, नार्थईस्ट से सांसद गौरव गोगोई, पंजाब से यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा बरार और कर्नाटक से कृष्णा बैरेगौड़ा को चुना गया। जबकि वरिष्ठ नेताओं की फौज कार्यकम में बैठी थी जिन्हें इन नेताओं से कहीं राजीव गांधी के संबंध में जानकारी थी।