'राफेल' जी हां, वही लड़ाकू हवाईजहाज जिसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष लंबे समय से एक दूसरे पर हमलावर हैं, क्या 26 जनवरी की परेड में देखने को मिलेगा। कांग्रेस पार्टी 'राफेल' की एक झलक पाने के लिए बेताब है। गणतंत्र दिवस की परेड में कई नेताओं की नजरें तो केवल राफेल को ही तलाशेंगी।
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि एनडीए सरकार ने राफेल के लिए संबंधित कंपनी को 34 हजार करोड़ रुपये दे दिए हैं, इसलिए अब 26 जनवरी की परेड में तो वह नजर आना चाहिए। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि इन्होंने 'मेक-इन-इंडिया' का मजाक बनाकर रख दिया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना पर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। एनडीए सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में औद्योगिक उत्पादन अपने निम्न स्तर पर पहुंच गया है। निवेश सात प्रतिशत टूट गया है। इंडस्टी की एक तिहायी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ये लोग सरदार पटेल को छीनने में तो लगे हैं, मगर उनकी मूर्ति दूसरे देश यानी चीन से बनवा रहे हैं।
शर्मा का आरोप है कि मोदी सरकार ने 'मेक-इन-इंडिया' का 'लोगो' तक विदेश से बनवाया है। इससे पता चलता है कि सरकार अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर कितनी गंभीर है। राफेल हवाईजहाज का कांट्रेक्ट एचएएल से छीनकर डसॉल्ट को दे दिया गया। अब ऐसे में मेक इन इंडिया का मतलब भली-भांति तरीके से समझा जा सकता है।
कांग्रेसी नेता ने तंज कसते हुए कहा, 26 जनवरी पर देखते हैं कि राफेल कैसा दिखता है। वह कितनी तेजी से उड़ान भरता है। राफेल बनाने वाली कंपनी को 34 हजार करोड़ रुपये दे दिए हैं, इसलिए अब यह उम्मीद तो कर ही सकते हैं कि गणतंत्र दिवस की परेड पर राफेल देखने को मिलेगा। वह दिखना भी चाहिये।
सरकारी पैसे से अपना प्रचार कर रहे हैं मोदी: आनंद शर्मा
कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी के वाराणसी में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में दिए गए भाषण को लेकर उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं। पहले कोई भी प्रधानमंत्री किसी सरकारी योजना की शुरुआत या अन्य जन कल्याण के कार्यक्रम के लिए सरकारी दौरा करता था।
नरेंद्र मोदी ऐसे आयोजनों का इस्तेमाल अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए कर रहे हैं। इन्हीं कार्यक्रमों में वे विपक्ष की आलोचना करते हैं। मोदी भूल रहे हैं कि देश का पैसा विपक्ष को गाली देने के लिए नहीं होता। उन्होंने अपने भाषण में जो कुछ कहा, उसका मतलब यही निकलता है कि जैसे 2014 से पहले भारत में कुछ था ही नहीं।सब कुछ पिछले चार साल में हुआ है।
शर्मा ने कहा, मोदी भूल रहे हैं कि भारत इससे पहले भी था और बेहतर स्थिति में था। पहले भी अंतरिक्ष में देश ने सफलता हासिल की है। कृषि में भारत आत्मनिर्भर पहले से ही था। मोदी बताएं कि साढ़े चार पहले भारत क्या दूसरे देशों के सामने खाद्यान्न के लिए हाथ फैलाता था। मोदी का भाषण भारतीयों के लिए सिर झुकाने वाला था, इससे ज्यादा कुछ नहीं।