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आचार संहिता उल्लंघन पर पीएम के खिलाफ एफआईआर हो: कांग्रेस

Tue, 28 Feb 2017 06:55 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी - फोटो : file photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। चुनाव आयोग को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आयोग से ये भी कहा कि आचार संहिता के नाम पर उनके नेताओं पर एकतरफा कार्रवाई कर नोटिस दिए जा रहे हैं। कांग्र्रेस ने आयोग से पोस्टल बैलेट की समय सीमा तय करने और भाजपा पर चुनाव के दौरान एक हजार करोड़ खर्च करने का आरोप लगा जांच की मांग की है। 
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कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी अंबिका सोनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, सहप्रभारी संजय कपूर, मंत्री इंदिरा ह्दयेश और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य सोमवार शाम शिकायत करने चुनाव आयोग पहुंचे। कांग्रेस ने अपनी शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने रखी। 

आयोग से मिलकर निकले सीएम रावत ने कहा कि कहा कि बीती दस फरवरी को हरिद्वार में प्रधानमंत्री की जनसभा प्रशासन की अनुमति के बिना हुई थी जो आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। उस दौरान मंच पर बैठे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्ढा, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, मदन कौशिक आदि लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी। नरेंद्र मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। सीएम ने बताया कि आयोग ने उनकी शिकायत पर विचार करने की बात कही है।
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'हमारे नेताओं के साथ दुर्भावना के साथ कार्रवाई की गई'

अंबिका सोनी - फोटो : file photo
अंबिका सोनी ने कहा कि हमारे नेताओं के साथ दुर्भावना के साथ कार्रवाई की गई है। जबकि क्या कारण हैं कि अभी तक नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। 12 फरवरी को राहुल गांधी के रोड शो के लिए हमने इजाजत ली थी और निर्धारित समय पर माइक भी बंद कर दिया। बावजूद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हरीश रावत को नोटिस भेजे गए हैं। हमारे नेताओं के हेलीकाप्टर एक दिन में तीन-तीन बार सर्च किए गए जबकि कई केंद्रीय मंत्री लगातार हेलीकाप्टर से पूरे राज्य का दौरा करते रहे और उनकी कोई जांच नहीं पड़ताल नहीं हुई। 

प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि छोटे राज्यों में पोस्टर बैलेट का महत्व है। आयोग से मांग की गई है कि पोस्टल बैलेट से डाले गए वोटों को 15 फरवरी शाम पांच बजे तक ही दर्ज किया जाना चाहिए। पोस्टल बैलेट 11 मार्च तक शामिल किया जा सके। अंबिका सोनी ने कहा कि छोटे राज्यों पोस्टर बैलेट परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने जानकारी दी कि इसी तरह की मांग गोवा से भी आई है। 

सीएम ने बताया कि आयोग से चुनावी पारदर्शिता को लेकर भी शिकायत की है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सभी प्रचार माध्यमों से करीब एक हजार करोड़ रुपए इस चुनाव में खर्च किए हैं जो चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे में इसकी जांच होनी चाहिए।
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