राहुल गांधी को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं से अनुरोध किया है कि फैसले के खिलाफ मौन प्रदर्शन करें। कांग्रेस का कहना है कि वे मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मोदी उपनाम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और उनकी सजा को बरकार रखा।
कांग्रेस नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पीसीसी के सभी नेताओं ने अनुरोध किया है कि राहुल गांधी के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए 12 जुलाई को गांधी प्रतिमाओं के सामने एक विशाल मौन सत्याग्रह आयोजित करें। गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकार रखते हुए राहुल गांधी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। फैसले के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह भाजाप की साजिश है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के साथ जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट जिस न्यायशास्त्र पर विचार कर रही है, वह अद्वितीय है। मानहानि कानून मामले में अब तक पारित किसी भी अन्य मामले में कोई समानता नहीं है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी फैसले को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला निराशजनक है। बावजूद इसके हम इसका पालन करेंगे। हमारे पास सर्वोच्च न्यायालय जाने का विकल्प है। राहुल गांधी से पीएम मोदी डरते हैं, इसलिए भाजपा साजिश रच रही है।
भाजपा ने भी साधा निशाना
कांग्रेसी नेता बोले- हम राहुल के साथ हैं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी को मामले में अधिकतम सजा दी जा रही है। राहुल गांदी को लोकसभा में बोलने का मौका नहीं दिया जाता। मानहानि मामले में अधिकतम सजा हुई। आवास खाली करने के लिए कहा गया। हम उनके साथ हैं। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बेंगलुरु में विरोध किया। शिवकुमार ने कहा कि यह बीजेपी की एक साजिश है। कोई भी फैसला राहुल गांधी को नहीं कर सकता।