मुंबई नगर निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस एक बड़ा दांव खेलती नजर आ रही है। मुंबई नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने के एलान और सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) की ओर से जल्दबाजी में फैसला न करने के आह्वान के कुछ दिनों बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राकांपा (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार के साथ गठबंधन पर चर्चा की। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस ने एनसीपी (एसपी) को अपना स्वाभाविक सहयोगी बताया।
कांग्रेस ने कहा कि वह मुंबई नगर निगम चुनाव समान विचारधारा वाले दलों के साथ लड़ना चाहती है और इस गठबंधन पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ हाथ मिलाने के विचार के पक्ष में नहीं दिखती है।
मुंबई कांग्रेस प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि वह उन लोगों के साथ गठबंधन नहीं कर सकती, जो कानून अपने हाथ में लेते हैं या धमकी देते हैं। गायकवाड़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की पवार से मुलाकात के बाद उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी महाराष्ट्र और मुंबई के हित में लिए गए किसी भी रुख का समर्थन करेगी, बशर्ते वह संवैधानिक ढांचे के भीतर हो।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित राज्य में नगर निगमों के चुनाव जनवरी 2026 में होने की उम्मीद है। 2017 में महानगर में हुए पिछले निकाय चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा था और उसे केवल 30 सीटें ही मिली थीं। बीते दिनों महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने एलान किया था कि पार्टी बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और सभी 227 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
वहीं, वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार को पार्टी विधायकों अमीन पटेल, असलम शेख और ज्योति गायकवाड़ के साथ शरद पवार से उनके आवास 'सिल्वर ओक' में मुलाकात की। गायकवाड़ ने कहा कि पवार कांग्रेस के स्वाभाविक सहयोगी हैं, क्योंकि कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) दोनों पार्टियां लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखती हैं।
उन्होंने कहा, "बीएमसी चुनाव गठबंधन पर चर्चा चल रही है। जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।" एनसीपी (एसपी) की मुंबई इकाई की अध्यक्ष राखी जाधव और अन्य नेताओं के साथ बातचीत पहले ही हो चुकी है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने हमेशा एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के आधार पर गठबंधन बनाए हैं। बीएमसी चुनावों के लिए हम समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं।"