वीरप्पा मोइली ने कहा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे के द्विपक्षीय विवाद पर बातचीत के लिए पूर्व शर्त के रूप में नरेंद्र मोदी का खुलेआम समर्थन किया है। इससे स्पष्ट दिखाई देता है कि भाजपा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बीच अंदरखाने मिलीभगत है।’ उन्होंने कहा कि इमरान खान का समर्थन और यह सुझाव कि मोदी दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध बनाएंगे, यह किसी गुप्त समझ का संकेत है। उन्होंने कहा कि संभवत: कश्मीर पर भारत के हितों से समझौता किया जा रहा है।
भाजपा के शासन में हमेशा युद्ध जैसे हालात बने होने की बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब भी भाजपा सत्ता में आती है, भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी बढ़ जाती है। इसमें वाजपेयी सरकार के समय कारगिल संघर्ष और भारतीय संसद पर हमला तो मौजूदा सरकार में बालाकोट एवं पुलवामा हमले शामिल हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी के 56 इंच के सीने के दावे पर चुटकी लेते हुए मोइली ने कहा, ‘अगर उनके पास है भी तो दिखाने की जरूरत कहां है? उन्हें दरअसल प्यार की राजनीति से सरोकार ही नहीं है और इससे देश का राजनीतिक माहौल खराब हो गया है।’
इन लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस की संभावनाओं पर मोइली ने कहा कि पार्टी जेडीएस (जनता दल-सेक्युलर) के साथ गठबंधन में राज्य की 28 में से कम से कम 21 सीटें जीतेगी। ऐसा इसलिए कि मोदी लहर तेजी से कमजोर हो रही है। उनका रवैया हिटलर जैसा होता जा रहा है और उन्हें किसी भी पद पर बैठाना देश के लिए खतरनाक होगा।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा को मिलने वाली संभावित सीटों की संख्या का कोई आकलन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार बनेगी जिसमें चुनाव के पहले और चुनाव के बाद के गठबंधनों के आधार पर क्षेत्रीय दलों की भूमिका हो सकती है। मोइली ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बंद होना चाहिए और प्रेम की राजनीति का रास्ता साफ होना चाहिए। यह केवल राहुल गांधी शुरू कर सकते हैं।