प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश द्वारा पिछले दिनों की गई एक टिप्पणी पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने बुधवार को आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में नीतिगत पंगुता के लिए रमेश जिम्मेदार थे।
मोइली ने पार्टी के एक अन्य नेता शशि थरूर पर भी उनके इस बयान के लिए नाराजगी जाहिर की कि सही चीज करने पर प्रधानमंत्री की सराहना करने से विपक्ष की आलोचना की साख बनेगी।
गौरतलब है कि रमेश ने गत बुधवार एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करके और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
रमेश और थरूर के बयानों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मोइली ने कांग्रेस नेतृत्व से दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। मोइली ने रमेश के बयान को लेकर सवाल किया कि क्या कांग्रेस मोदी को खलनायक की तरह पेश कर रही है?
उन्होंने रमेश के बयान को बहुत बुरा बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान दे कर वह भाजपा के साथ समझौता कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि मोदी को हमेशा खलनायक की तरह पेश नहीं करना चाहिए, तब पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ नेताओं अभिषेक मनु सिंघवी और शशि थरूर ने उनका समर्थन किया था।
मोइली ने कहा, और अगर कोई भी नेता इस तरह का बयान देता है तो मैं मानता हूं कि वह कांग्रेस या इसके नेतृत्व के लिए काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री होने के नाते वे अधिकारों का उपयोग करते हैं और विपक्ष में आकर वह सत्ताधारी दल के साथ एक संपर्क बनाए रखेंगे।
मोइली ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में आरोप लगाया कि वह (रमेश) यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में नीतिगत पंगुता के लिए जिम्मेदार हैं और वह कई बार प्रशासन के सिद्धांतों के साथ समझौता करने के लिए भी जिम्मेदार हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा कि थरूर को कभी भी परिपक्व राजनीतिज्ञ नहीं समझा गया। उन्होंने कहा कि वह (थरूर) अकसर बयानबाजी करते हैं और प्रेस में जगह पाते हैं। मैं नहीं समझता के उनके बयान को गंभीरता से लिया जा सकता है। उन्हें गंभीर राजनीतिज्ञ बनना होगा। यह हमारी अपील है।
मोइली ने कहा कि मेरे विचार से कांग्रेस पार्टी के लिए यह समय समुचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और ऐसे लोगों को आगाह करने का है जो (कांग्रेस पार्टी को) छोड़ कर जाना चाहते हैं। उन्हें सीधे सीधे जाने दिया जाए, वे पार्टी में रह कर, पार्टी के साथ और उसकी विचारधारा के साथ कोई छेड़छाड़ न करें।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री मोइली ने जोर दे कर कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्तर पर और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व के लिए पार्टी को पुनर्जीवित करने की खातिर तत्काल कदम उठाना जरूरी है। इसका कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमें (यह कदम उठाने में) सिर्फ इसलिए देर नहीं करना चाहिए कि दो या तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मोइली ने कहा कि हर बार चुनाव का बहाना बन जाता है। पार्टी को ऐसे लोगों को पूरी मजबूती के साथ संगठित करना चाहिए तो कांग्रेस के मूल्यों को महत्व देते हैं और जनता की नब्ज समझते हैं।
उन्होंने कहा ‘‘हमें यह करना होगा। पार्टी के लोगों को पहले ही लग रहा है कि इसके लिए यह सही समय है क्योंकि ऐसा न करने पर भाजपा के हौसले हमारे काडर को परेशान करने के लिए बुलंद होंगे। सरकार में बैठे लोगों को भाजपा को कांग्रेस पार्टी की ओर सम्मान तथा डर की नजरों से देखना होगा, अन्यथा पूरे विपक्ष के लिए उनके मन में भय का कोई भाव नहीं होगा।