दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पूर्वांचली समुदाय पार्टी का बड़ा और पारंपरिक वोटर रहा है। इस समाज के लोगों की बड़ी संख्या आज भी झुग्गी-झोपड़ी में रहती है, जिसके लिए शीला दीक्षित सरकार के समय काफी काम किया गया था।
बदले राजनीतिक माहौल में इस वर्ग का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस से दूर हो गया है। इसे वापस लाने के लिए हर संभव रणनीति पर काम किया जा रहा है। भोजपुरी स्टार छवि के नेता पार्टी की इस मुहिम में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि इसके लिए कुछ भोजपुरी स्टारों से संपर्क भी किया गया है।
इन सीटों पर है दांव
दरअसल, पूर्वांचली समुदाय के लोग दिल्ली में भारी संख्या में निवास करते हैं और अनेक सीटों पर चुनाव परिणाम प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। प्रमुख रुप से नरेला, बुरारी, तिमारपुर, शकूर बस्ती, त्रिनगर, वजीरपुर, पटेल नगर, उत्तम नगर, नजफगढ़, अंबेडकर नगर, संगम विहार, तुगलकाबाद, ओखला, त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपड़गंज, लक्ष्मीनगर, विश्वासनगर, कृष्णानगर, गांधीनगर, शहादरा, सीमापुरी, रोहतासनगर, सीलमपुर, घोंडा, बाबरपुर, गोकुलपुर और करावल नगर में इस समुदाय के लोग बहुलता से रहते हैं।