कर्नाटक चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस और भाजपा सत्ता पर अपना-अपना दावा कर रही हैं। लेकिन दोनों पार्टियों को ये डर भी सता रहा है कि अगर वो बहुमत से पीछे रहीं तो ऐसे में जेडीएस उनका साथ देगी कि नहीं। चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी देवेगौड़ा के लिए मीठे शब्दों का प्रयोग करने लगे हैं। शहद लगाने में पीछे कांग्रेस भी नहीं है। यूं तो कांग्रेसी नेता शशि थरूर ये दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक के एक-एक पार्टी कार्यकर्ता को पूर्ण बहुमत का विश्वास है लेकिन विपरीत स्थिति में पार्टी जेडीएस को रिझाने लगी है।
शशि थरूर सोशल मीडिया के जरिए इस मौके को भुनाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया का ट्रैक रिकॉर्ड ही काफी है अगर जरूरत पड़ी तो जेडीएस के पास इससे बहतर विकल्प नहीं है कि वो किसी और का साथ दे।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 संपन्न होने के बाद अब इंतजार है नतीजों का। 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों के लिए 12 मई को वोट डाले गए। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में 70 फीसदी वोट पड़े। जिसके परिणाम 15 मई को आएंगे। शेष रह रहीं दो सीटों पर चुनाव की तारीख पहले ही स्थगित हो चुकी है। दो सीटों पर मतदान बाद में कराए जाएंगे।
बता दें कि एक सीट पर मतदान भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक बीएन विजयकुमार के निधन के चलते स्थगित कर दिया गया है, वहीं फर्जी वोटर आईडी कार्ड मिलने के कारण आरआर नगर सीट पर चुनाव टाल दिया गया, अब यहां 28 मई को चुनाव होगा और परिणाम 31 मई को आएगा।