गुरमेहर विवाद पर पहली बार बोलते हुआ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि उन्हें पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बयान से काफी दुख पहुंचा है। थरूर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सहवाग को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें गुरमेहर के बयान पर ट्विट नहीं करना चाहिए था।
गुरमेहर के बयान को किया जस्टिफाई
थरूर ने गुरमेहर के स्टेटमेंट 'मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं मारा, बल्कि युद्ध ने मारा' को जस्टिफाई किया है। वहीं, इस मुद्दे पर विरेंद्र सहवाग के ट्वीट, 'मैंने दो बार त्रिपल सेंचुरी नहीं मारी है, मेरे बैट ने मारी है' पर उन्हें नसीहत दी है।
थरूर ने कहा कि लड़की ने सही कहा है कि उसके पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा है क्योंकि सभी जानते हैं केवल कुछ पाकिस्तानियों ने करगिल युद्ध को भारत पर थोपा था, जिसमें गुरमेहर के पिता की मौत हुई थी। इसलिए गुरमेहर के कहने का यह मतलब है जिसको मीडिया पर तोड़मोड़ के पेश किया जा रहा है।
टीवी चैनलों पर होने वाली डिबेट की थरूर ने की आलोचना
थरूर ने टीवी चैनलों पर इस मुद्दे को लेकर हो रही डिबेट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कई लोग इस बात को नहीं पकड़ पा रहे हैं कि लड़की ने युद्ध शब्द का प्रयोग किया है न कि गोली का।
उसके पिता की मौत गोली लगने से हुई जो कि उस युद्ध के दौरान बंदूकों से निकली थी। इसलिए वीरु जी बल्ले को आपने ही पकड़ा था जिससे ट्रिपल सेंचुरी बनी थी, तो वो आपकी ही हुई।
एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर खोला था गुरमेहर ने मोर्चा
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में छात्रसंगठन एबीवीपी और आईसा के छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी ने सोशल मीडिया पर एबीवीपी के खिलाफ एक अभियान शुरु किया है, जिसे पूरे देश के विश्वविद्यालयों से भारी समर्थन मिल रहा है।
गुरमेहर ने अपने प्रोफाइल फोटो को बदलकर ये मैसेज दिया है कि वो एबीवीपी से नहीं डरती और भारत के सारे छात्र उनके साथ हैं।