भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी शिविरों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक को भले ही 21 महीने बीत चुके हों लेकिन उस स्ट्राइक की धमक आज भी महसूस की जा रही है। बुधवार को सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो सामने आया उसके बाद एकबार फिर से देश की राजनीति में उबाल आ गया है। उस वीडियो के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता आमने-सामने है। बृहस्पतिवार की सुबह जहां कांग्रेस ने भाजपा को घेरने की कोशिश की वहीं एकबार फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री को फर्जी बताया है। निरुपम ने कहा नरेंद्र मोदी की सरकार और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ही फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी 2018 में मुंबई आते हैं और वह उस समय की बात नहीं करते बल्कि 1975 के आपातकाल पर बात करते हैं।
उनके कार्यकाल में तेजी से किसान और सैनिक मारे जा रहे हैं लेकिन उन्हें उसकी परवाह नहीं है। विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप नहीं दी जा रही है उसपर कोई बात नहीं कर रहा है। चौकीदार की नाक के नीचे से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी करोड़ो रुपये का चूना लगा कर देश से फरार हो जाते हैं उसपर सरकार ने चुप्पी साध रखी है लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक पर कुछ दिनों में बात शुरू हो जाती है।
यही नहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सेना के बलिदान को वोट में बदलने की कोशिश कर रही है। जबकि भाजपा ने इस वीडियो पर कहा कि देश के हर नागरिक को गर्व करना चाहिए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सेना के साथ सौतेला व्यवहार करती रही है। उन्होंने पूछा कि अब इस वीडियो को जारी करने की जरुरत क्यों पड़ रही है।
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा के केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रही है। इससे पाकिस्तानी आतंकवादियों को खुशी मिल रही होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहते हैं वहीं उनकी मां सोनिया गांधी भी इसे मौत के सौदागर जैसे शब्दों का प्रयोग कर चुकी हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोग सवाल उठा रहे हैं कि ये सीडी कहां से आई और ये अभी क्यों जारी की गई। भारतीय सेना की इस कार्रवाई पर अगर कोई खुश है तो वह पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही है।
इससे पहले सुरजेवाला ने कहा, 'सत्ताधारी पार्टी को यह याद रखना चाहिए कि वह सेना के जवानों के बलिदान का इस्तेमाल वोट पाने के लिए नहीं कर सकती है। जवान ही होते हैं जो देश के लिए अपनी जिंदगी गंवा देते हैं और यह मोदी जी हैं जिनका इसके लिए महिमामंडन किया जा रहा है। भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक की वीरगाथा को वोट पाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। राष्ट्र को इस बात को समझने की जरुरत है कि जब भी मोदी सरकार विफल होती है, जब भी अमित शाह की भाजपा हारने लगती है वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए सेना की बहादुरी का दुरुपयोग करने लगते हैं। '
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'मोदी सरकार जय जवान जय किसान के नारे का शोषण कर रही है और सर्जिकल स्ट्राइक पर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है। देश जानना चाहता है कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी या मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सेना के ऑपरेशन इस तरह से नहीं हुए थे? भाजपा ने भारतीय सेना के अधिकारियों को बिना बताए उनका राशन एक साल से बंद कर रखा है, मसाला भत्ता कम कर दिया गया है और रेजीमेंट भत्ता आधा कर दिया है।'
सुरजेवाला ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो वोट के लिए जारी किए गए हैं। लेकिन जब सुरजेवाल से सवाल किया गया कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए गए थे और कई पार्टी के नेताओं ने सबूत मांगे थे तो कांग्रेस प्रवक्ता ने गोल-मटोल जवाब दिया। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा के ही 2 नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों (यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी) ने सवाल उठाए थे। यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। बता दें कि कांग्रेस नेता संजय निरुपम और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कुछ नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर सवाल उठाए थे।
सुरजेवाला के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा देखिए यह बड़ा दुखद विषय है। आज एक ऐसा मौका है जिसपर हमें पाकिस्तान को चेतावनी देनी चाहिए कि अगर तू आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो तेरा यही हश्र होगा। लेकिन कांग्रेस वही पार्टी है जो सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रही थी। इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्ट्राइक को खून की दलाली बताया था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, चूंकि कांग्रेस इस तरह की वीडियो नहीं बना पाई क्योंकि उनके पास हैं ही नहीं है तो हम भी ऐसा ही नहीं कर सकते हैं। यह भाजपा के पक्ष में लोगों की भावनाओं का शोषण कैसे कर रहा है? अगर आपने ऐसा किया तो आपने छुपाया क्यों? यह पुरानी कहावत की तरह है कि अंगूर खट्टे होते हैं।
बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के अगले दिन सेना के तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस रणबीर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी साझा की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने कहा था कि भारत द्वारा ऐसी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन अब इस कार्रवाई के 21 महीने बाद एक वीडियो सामने आया है। जिसमें कई लॉन्च पैड्स को तबाह होते देखा जा सकता है।