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लॉकडाउन में लोगों को महापुरुषों की प्रेरक कहानियां सुना रही हैं राजनीतिक दल की ये नेता

Sat, 25 Apr 2020 07:17 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सबसे पहली कहानी 19 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के विषय से शुरू की
  • कहानियों पर करती हैं शोध, फिर वीडियो बनाकर करती हैं सोशल मीडिया पर पोस्ट
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Congress Leader Ragini Nayak - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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लॉकडाउन में समय बिताने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं। कोई वीडियो बना रहा है, तो कोई किचन में कुछ बनाकर उसकी फोटो सोशल मीडिया में शेयर कर रहा है। ऐसे ही समय में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक लोगों को कहानियां सुना रही हैं।

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एतिहासिक और धार्मिक महापुरुषों की कहानियों को वे बेहद रचनात्मक तरीके से नए अंदाज में प्रस्तुत कर रही हैं, जिसे सोशल मीडिया में लोग खूब पसंद कर रहे हैं और शेयर भी कर रहे हैं। वे अब तक वे छह महापुरुषों की कहानियां लोगों को सुना चुकी हैं।

क्यों आया ये आइडिया

कांग्रेस पार्टी में कई पदों पर अहम भूमिका निभा चुकी रागिनी नायक ने अमर उजाला को बताया कि एक दल से जुड़े होने के नाते हमेशा उनके कार्यों और बातों के राजनीतिक अर्थ निकाले जाते हैं।

लेकिन लंबे समय से वे यह चाहती थीं कि वे कुछ ऐसा करें जिसकी समाज के हर वर्ग में स्वीकार्यता हो। जिसे किसी राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए और समाज का हर वर्ग उसे पसंद करे।

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इसी बीच जब कोरोना के कारण लॉकडाउन हुआ तब लोगों को अपना समय गुजारने में परेशानी होने लगी। इसी दौरान एक दिन वे अपने साढ़े तीन साल के बेटे अभ्युदय को कहानी सुना रही थीं, तो उन्हें लगा कि यह तरीका लोगों के दिलों को छूता है।

अगर कहानियों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाए तो लोग उन्हें पसंद करते हैं। वर्षों पुराना सीरियल रामायण और महाभारत का आज भी इतना लोकप्रिय होना यही साबित करता है कि हमारे संस्कार इनसे गहराई के साथ जुड़े हुए हैं।

ये हमें प्रेरित भी करते हैं और संचालित भी करते हैं। इसे देखते हुए ही उन्हें कहानी सुनाने का विचार आया।

विवेकानंद से लेकर रहीम और कबीर तक

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाली रागिनी नायक के मुताबिक उन्होंने अपनी सबसे पहली कहानी 19 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के विषय से शुरू की।

फेसबुक और यू-ट्यूब पर इसकी बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया देख उन्हें इसमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। वे अब तक स्वामी विवेकानंद, खानखाना रहीम, दानवीर कर्ण, संत कबीर, गौतम बुद्ध और राजा शिवि की कहानी सुना चुकी हैं।

अपनी कहानियों के लिए वे स्वयं शोध भी करती हैं और स्वयं ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाती हैं।

इस तरह आज से जोड़ती हैं

कोरोना के मुश्किल वक्त में अनेक लोग कुछ दान करते हैं, तो उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। रागिनी नायक कहती हैं कि दान ऐसा होना चाहिए कि दान करने के बाद स्वयं अपने आपको भी पता न चले। अपनी कहानियों के माध्यम से वे महात्माओं का ये संदेश देती हैं-

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'तिन समान कोउ और नहीं, जो देते सुख दान।
सबहुं से करते प्रेम सदा, औरन को देते मान।।''
 
धन रहै ना जोबन रहै, रहै ना गाम ना धाम।
कबीर जग में जश रहै कर दे किसी का काम।।

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