लॉकडाउन में समय बिताने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं। कोई वीडियो बना रहा है, तो कोई किचन में कुछ बनाकर उसकी फोटो सोशल मीडिया में शेयर कर रहा है। ऐसे ही समय में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक लोगों को कहानियां सुना रही हैं।
कांग्रेस पार्टी में कई पदों पर अहम भूमिका निभा चुकी रागिनी नायक ने अमर उजाला को बताया कि एक दल से जुड़े होने के नाते हमेशा उनके कार्यों और बातों के राजनीतिक अर्थ निकाले जाते हैं।
लेकिन लंबे समय से वे यह चाहती थीं कि वे कुछ ऐसा करें जिसकी समाज के हर वर्ग में स्वीकार्यता हो। जिसे किसी राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए और समाज का हर वर्ग उसे पसंद करे।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाली रागिनी नायक के मुताबिक उन्होंने अपनी सबसे पहली कहानी 19 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के विषय से शुरू की।
फेसबुक और यू-ट्यूब पर इसकी बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया देख उन्हें इसमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। वे अब तक स्वामी विवेकानंद, खानखाना रहीम, दानवीर कर्ण, संत कबीर, गौतम बुद्ध और राजा शिवि की कहानी सुना चुकी हैं।
अपनी कहानियों के लिए वे स्वयं शोध भी करती हैं और स्वयं ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाती हैं।
कोरोना के मुश्किल वक्त में अनेक लोग कुछ दान करते हैं, तो उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। रागिनी नायक कहती हैं कि दान ऐसा होना चाहिए कि दान करने के बाद स्वयं अपने आपको भी पता न चले। अपनी कहानियों के माध्यम से वे महात्माओं का ये संदेश देती हैं-