उत्तर प्रदेश में चिट्ठी की राजनीति
उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी पिछले कुछ समय से लगातार चिट्ठी के माध्यम से कभी मोदी सरकार तो कभी योगी सरकार से सवाल पूछती हैं। इस बार पंचायत चुनाव में जब परिणाम आ गए तो विजेताओं को भी प्रियंका गांधी ने चिट्ठी लिखकर उनसे कोई राजनैतिक अपील ना करते हुए बल्कि कोरोना जैसी महामारी में लोगों की मदद करने के लिए कांग्रेस का साथ देने की अपील की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी की चिट्ठी से ज्यादातर लोग जुड़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत प्रधान समिति के पूर्व अध्यक्ष ललित शुक्ला कहते हैं, प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से गांव-गांव में अपने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपना संदेश भिजवाया है वह निश्चित तौर पर उन्हें सीधे तौर पर जोड़ता है। वह कहते हैं कि आने वाले चुनाव में इसका कितना फायदा कांग्रेस को मिलेगा यह तो नहीं पता लेकिन इससे एक बात स्पष्ट है कि लोगों का रुझान एक देश के बड़े नेता के साथ सीधे तौर पर जुड़ता जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वैक्सीन को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी है। प्रियंका गांधी ने देश में लोगों को लगने वाली वैक्सीन पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले में विफल हो गई। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब हमारे पास घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगाने की व्यवस्था है। हमारे पास उसका पूरा अनुभव है। तो केंद्र सरकार ने इसका फायदा क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा दरअसल केंद्र सरकार के पास इसे लेकर कोई योजना ही नहीं है।
प्रियंका गांधी कहती हैं यही वजह है कि जब पूरी दुनिया के मुल्क वैक्सीन के लिए अपनी आबादी से चार गुना ज्यादा वैक्सीन का आर्डर दे रहे थे तब हमारे देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार चुपचाप बैठी थी। प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा हमारे देश की अभी पांच फीसदी आबादी भी पूरी तरीके से वैक्सीनेट नहीं हुई है। जबकि दुनिया के कई ऐसे मुल्क हैं जहां अच्छी खासी आबादी पूरी तरीके से वैक्सीनेट हो चुकी है और वहां पर जनजीवन सामान्य हो रहा है। हमारे देश में हालात अभी भी केंद्र सरकार की लापरवाहियों की वजह से बदतर है।