कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति में बदलाव किया है। राम मंदिर मुद्दे पर पार्टी के दूसरे नेताओं से पहले खुलकर अपना पक्ष रखने वाली प्रियंका को अब अपनी टीम में आचार्य प्रमोद कृष्णन जैसे धर्मगुरु को जोड़ने से भी गुरेज नहीं है।
दरअसल मंगलवार को यूपी की एडवाइजरी काउंसिल में राकेश सचान, आचार्य प्रमोद कृष्णन, हरेंद्र मलिक और बेगम नूर बानो का नाम शामिल किया गया है। राकेश सचान लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से आए थे।
वहीं, हरेंद्र मलिक और बेगम नूर बानो पार्टी में लंबे समय से हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णन भले ही कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ से लोकसभा का चुनाव लडे़ हों और टीवी डिबेट में कांग्रेस का पक्ष रखते रहे हों लेकिन उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने के पीछे का मकसद हिंदू विरोधी छाप को मिटाना है जो आरोप भाजपा लगाती है। कांग्रेस ने हाल में कुछ कमेटियों का गठन किया जिसमें ब्राह्मण नेताओं को प्रमुखता दी है।