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Karnataka: गवर्नर के फैसले पर प्रियंक खरगे ने कहा- स्पष्टीकरण देंगे; वीबी जी-राम-जी बिल को बताया असांविधानिक

Sat, 10 Jan 2026 09:01 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक मंत्री प्रियंक खरगे ने बिदर में गवर्नर द्वारा लौटाए गए विधेयकों, भाषा नीति और वीबी जी-राम-जी बिल पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ है।

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प्रियांक खरगे, मंत्री, कर्नाटक - फोटो : X @PriyankKharge
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विस्तार
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कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्यपाल द्वारा लौटाए गए विधेयकों, भाषा नीति और केंद्र सरकार के प्रस्तावित वीबी जी-राम-जी बिल को लेकर तीखा रुख अपनाया है। बिदर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार राज्यपाल द्वारा उठाए गए सवालों पर सभी जरूरी स्पष्टीकरण देगी।

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प्रियंक खरगे ने कहा कि अगर राज्यपाल ने विधेयक केवल भाजपा के दबाव में लौटाए हैं, तो सरकार आगे की रणनीति पर विचार करेगी। उन्होंने कहा 'अगर गवर्नर को विधानसभा से पारित बिलों पर किसी तरह की स्पष्टता चाहिए, तो हम हर बिंदु पर जवाब देने को तैयार हैं।' 

भाषा के नाम पर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए
कासरगोड को लेकर भाषा विवाद पर प्रियंक खरगे ने कहा कि राज्यों का गठन भाषा के आधार पर किया गया था। उन्होंने कहा कासरगोड में 90 प्रतिशत से अधिक लोग कन्नड़ बोलते हैं। भाषा को बढ़ावा देना गलत नहीं है, लेकिन उसे थोपना भी सही नहीं है।
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VB-G-RAM-G बिल पर केंद्र पर हमला
वीबी जी-राम-जी बिल को लेकर आयोजित कर्नाटक के विशेष सत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खरगे ने इस विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल लोगों से काम करने और आजीविका का अधिकार छीन रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि यह विधेयक न सिर्फ मनरेगा (MGNREGA) जैसी योजनाओं को कमजोर करता है, बल्कि संघीय ढांचे को भी नुकसान पहुंचाता है, जहां राज्यों और पंचायतों से परामर्श जरूरी होता है।
 

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