संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है। संसद सत्र के पहले दिन विपक्ष ने दोनों सदनों में अडाणी मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि, शीतकालीन सत्र में अदाणी मुद्दे की जेपीसी की मांग के साथ-साथ मणिपुर में करीब डेढ़ साल से जारी हिंसा की गंभीर स्थिति से जुड़े सवालों पर संसद में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
अमर उजाला ने इस बाबत राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी से खास बात की है। तिवारी ने अडानी मामले पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव के परिणाम को लेकर हैरानी व्यक्त की है। साथ ही ईवीएम पर सवाल उठाए है। जबकि दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आप से गठबंधन की बात को जल्दबाजी बताया है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।
संसद के शीत सत्र और अदाणी मामले में पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता प्रमोद तिवारी ने अमर उजाला से चर्चा में कहा, 2300 करोड़ की रिश्वत अडाणी समूह ने भारत सरकार के अधिकारियों सहित अन्य लोगों को दी हैं। ये भारत की प्रतिष्ठिता, निवेश, सुरक्षा-स्वाभिमान और भारत की छवि से जुड़ा हुआ सवाल है। यह कांग्रेस या कोई एजेंसी या कोई अखबार नहीं कह रहा हैं। इसका संज्ञान न्यूयॉर्क में अमेरिकी की अदालत ने लिया है। वहां के न्याय विभाग ने समन जारी किया है। अगर ऐसा मामला संसद में नहीं उठा सकता है फिर कौन सा मामला उठेगा।
सांसद तिवारी ने कहा, यह देश हित से जुड़ा मुद्दा है। हम चाहते है कि संसद में हम पहले अपनी बात विस्तार रखे। फिर यह सरकार को तय करना है कि वे जेपीसी की हमारी मांग स्वीकार करे या न करें। यह एक ऐसा मामला है कि सीधे उसमें गिरफ्तारी होना चाहिए और सीधे अमेरिकी अदालत को उन्हें सौंप देना चाहिए। इस केस में जो सबूत मिले है वह बहुत पर्याप्त है। देश में संसद इसलिए बैठी है कि जो दोषी उसे दंडित किया जाए। हम किसी को बचाने के लिए नहीं हैं, लेकिन आज विदेश में छवि ऐसी जा रही कि हमारी संसद कुछ नहीं कर रही है। आज गौतम अडानी अपने पक्ष में नहीं बोल रहे लेकिन उससे ज्यादा उनका बचाव भाजपा और केंद्र सरकार कर रही है। इससे साफ नजर आता है कि अडाणी और भाजपा एक है।
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संभल में हुए घटनाक्रम पर प्रमोद तिवारी कहते है, मैंने पहले कभी नहीं देखा कि पुलिस की उपस्थिति में पांच लोग मर गए। और पुलिस यह कह रही है कि हम नहीं जानते कि ये लोग कैसे मरे? लेकिन आरोप यह है कि पुलिस ने मारा। आज कल एक नया ट्रेंड चला है कि पुलिस जो एनकाउंटर करती है वह अपनी गोली से नहीं करती। पता नहीं कहां से अन्य हथियार आ जाते है। शायद पुलिस अपने को बचाने के लिए यह सब करती है। मेरा सवाल है कि जब पुलिस वहां मौजूद थी तो फिर वहां फायरिंग किसने की? वहां पुलिस को उन्हें पकड़ना चाहिए था। जब पुलिस वहां नहीं पकड़ पाई तो यह आरोप बहुत दमदार है कि पुलिस ने ही उन लोगों को मारा है।
महाराष्ट्र चुनाव के परिणाम और ईवीएम से जुड़े सवाल पर प्रमोद तिवारी ने कहा,ईवीएम से जुड़ा मामला बहुत ही गंभीर मसला है। इससे लोकतंत्र खतरे में है। ईवीएम को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही है। इस पर पार्टी और इंडिया गठबंधन में गंभीर चिंतन चल रहा है। आगे क्या रास्ता अपनाना है कि यह हम लोग बैठक कर तय करेंगे। लेकिन निश्चित रूप से महाराष्ट्र में ईवीएम के मसले ने लोकतंत्र के हिला कर रख दिया हैं
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के सवाल पर वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी का पूरी दिल्ली में जनसंपर्क अभियान जोर शो के साथ जारी हैं। हमारी पार्टी की पदयात्रा और डोर टू डोर कैंपेन भी चल रहा है। इसमें हमारे सभी बड़े नेता बारी बारी शामिल हो रहे है। हमारे लिए पूरी ताकत के साथ दिल्ली वापस लेना चाहते है। क्योंकि जनता के मन में यह बैठा है कि दिल्ली में कांग्रेस की शीला सरकार के बाद कोई विकास नहीं कार्य नहीं हुआ है। दिल्ली में आप के साथ गठबंधन होगा या नहीं है। यह चुनाव के वक्त तय किया जाएगा। अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
मणिपुर में अशांति और हिंसा पर तिवारी ने कहा, मणिुपर एक संवेदनशील राज्य है। सीमावर्ती राज्य है। उसकी सीमा अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनाती है। बावजूद इसके पीएम के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। लेकिन वहां कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर है। यह एक साल से हो रहा है। हम संसद में लगातार इस मसले को उठा रहे है। लेकिन सरकार इस मसले पर हाथ पर हाथ रख बैठी है। यह भारत सरकार का बड़ा फेल्यूर है। मणिपुर में जो हो रहा है उसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार हैं।