कांग्रेस नेता और कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किसानों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने मंगलवार को एक ट्वीट करते हुए कहा कि देश पर जब-जब कोई संकट आया है, किसान हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है।
कोरोना की लगातार कठिन होती स्थिति भी देश के सामने एक विकट संकट है और इस संकट की घड़ी में सबको एक साथ खड़े होकर यह लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस स्थिति को देखते हुए किसानों को अपना आंदोलन इस समय के लिए स्थगित कर देना चहिए।
प्रियंका गांधी के विशेष सलाहकार आचार्य प्रमोद कृष्णम किसान आंदोलन के बड़े समर्थक रहे हैं। उन्होंने न केवल किसानों का पुरजोर समर्थन किया, बल्कि उनके मंच पर पहुंचकर किसानों की आवाज को मजबूती दी। प्रियंका गांधी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आयोजित हुई बड़ी किसान रैलियों के पीछे भी उनकी बड़ी भूमिका थी।
उनका मानना रहा है कि देश के किसानों के हित में नए कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए। हालांकि, कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्होंने किसानों से अपील की है कि अब वे अपना आंदोलन वापस ले लें।
पीएम से भी की अपील
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने केवल किसानों से ही आंदोलन वापस लेने की अपील नहीं की, बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है कि वे अपनी जिद छोड़ किसानों से बातचीत करें और इस आंदोलन का एक हल निकालने की पहल करें।
कृष्णम ने कहा है कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने धर्माचार्यों से कुंभ के जल्द समापन का अनुरोध किया था, उसी प्रकार उन्हें किसानों से भी अपील-बातचीत कर आंदोलन को स्थगित करने का प्रयास करना चाहिए।
किसानों ने कहा- आंदोलन वापसी का सवाल नहीं
कांग्रेस नेता की इस अपील के बावजूद किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित करने से इनकार किया है। किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा है कि आंदोलन वाली जगहों पर किसान उसी स्थिति में रह रहे हैं जिन हालातों में दिल्ली-मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में करोड़ों लोग अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। अगर कोरोना के खतरे के कारण झुग्गियों से करोड़ों लोगों को हटाने के बारे में सरकार कोई बात सोच रही है तभी किसानों को उन्हीं कारणों के आधार पर हटाया जाना सही होगा।
उन्होंने कहा कि धरना स्थलों पर किसान पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए आंदोलन जारी रखे हुए हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को कोरोना का खतरा अवश्य है, लेकिन वे इसके लिए लगातार किसानों को जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही धरना स्थलों पर किसानों को वैक्सीन लगाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। किसान कोरोना के खतरे का सामना करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग जारी रखेंगे।