1970 में कांग्रेस में शामिल हुए। 1972 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद 1977 और 1980 में भी विधायक चुने गए। अर्जुन सिंह की कैबिनेट में पहले उच्च शिक्षा विभाग में राज्य मंत्री रहे। 1983 में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। 1981-84 के दौरान वे मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चेयरमैन का भी रहे।
18 साल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे
2000 से 2018 तक पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे थे। वहीं, साल 2018 में बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने मोतीलाल वोरा से कोषाध्याक्ष की जिम्मेदारी लेते हुए अहमद पटेल को दी थी। बता दें कि हाल ही में अहमद पटेल का भी निधन हो गया।
एक दिन पहले मनाया था जन्मदिन
लंबे समय से बीमार चल रहे वोरा ने 20 दिसंबर को ही अपना 93वां जन्मदिन भी मनाया था।
वोरा के निधन पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'वोरा जी एक सच्चे कांग्रेसी और अद्भुत इंसान थे। हम उन्हें बहुत मिस करेंगे। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है।'
कांग्रेस परिवार के लिए एक अभिभावक के चले जाने जैसा है- भूपेश बघेल
वहीं, भूपेश बघेल ने कहा, 'मैंने अपनी राजनीति का ककहरा जिन लोगों से सीखा उनमें बाबूजी एक थे। अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक वे हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक पथ प्रदर्शक थे। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।'