लोकसभा में सोमवार को स्पीकर की ओर कागज के टुकड़े फेंकने के कारण छह सांसदों के पांच दिन के निलंबन मामले में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस सहित अन्य दलों के सदस्यों ने जब स्पीकर को विशाल हृदय और दयालू बताते हुए निलंबन वापस लेने की अपील की तो स्पीकर ने पूछा कि अगर दयालू हूं तो क्या मुझ पर कुछ भी फेंक देंगे?
स्पीकर ने निलंबन के दो अहम कारण की बात कही और इस पर बाद में बात करने की घोषणा करते हुए विपक्ष की मांग को टाल दिया। हालांकि इस मामले में सरकार और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोक झोक के कारण कार्यवाही ठप रही।
राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के बाद दोपहर बाद शुरू हुई कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी के सौगत राय और माकपा के मोहम्मद सलीम ने निलंबन मामले में बड़ा हृदय दिखाने की अपील की। इन सांसदों ने कहा कि स्पीकर विशाल हृदय वाली दयालू महिला हैं। सांसदों ने भावावेश में अगर गलती की है तो इसे अनदेखा किया जा सकता है। इसका संसदीय कार्य मंत्री ने तीखा विरोध किया।
इसके बाद दोनों ही ओर से हंगामा शुरू हो गया।
खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार को विवाद की आग में घी डालने वाला बताया। पलटवार करते हुए अनंत ने कहा कि इस मामले में खड़गे ज्यादा अनुभवी हैं। तीखी तकरार के बीच स्पीकर ने कहा कि निलंबन के दो और कारण हैं। इस पर वह बाद में बात करेंगी। हालांकि उन्होंने दो कारणों का उल्लेख नहीं किया।