भाजपा के कद्दावर और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत सरकार देश के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित करेगी। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका एलान किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पीएम मोदी के इस फैसले पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने ही 2002 में पीएम मोदी को बचाया था। कांग्रेस ने आडवाणी और पीएम मोदी के रिश्तों पर प्रकाश डाला कि कैसे आडवाणी जी ने हर कदम पर उनका समर्थन किया।
मोदी की कुर्सी बचा ली
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को 2002 की घटनाओं को याद किया। आडवाणी ने हर मोर्चों पर नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है। रमेश ने 2002 के उस वक्त को याद किया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गुजरात के सीएम मोदी को हटाना चाहते थे लेकिन आडवाणी ने उनका समर्थन किया। 2014 में आडवाणी ने पीएम मोदी को शानदार इवेंट मैनेजर कहा था। आडवाणी ने मोदी के संगठनात्मक क्षमता की सराहना की थी। पांच अप्रैल 2014 को गोवा में आडवाणी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी मेरे शिष्य नहीं हैं, वह एक शानदार इवेंट मैनेजर हैं।
पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया
एलान के बाद आडवाणी ने कहा कि मैं अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ इस सम्मान को स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति के रूप में मेरे लिए सम्मान है, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का सम्मान है जिनकी मैंने अपनी पूरी क्षमता से जीवनभर सेवा की है। उन्होंने कहा कि आदर्श वाक्य 'यह जीवन मेरा नहीं है, यह मेरे राष्ट्र के लिए है' ने मुझे प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आज मैं दो लोगों (पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी) को कृतज्ञतापूर्वक याद करता हूं, जिनके साथ मैंने काम किया है। साथ ही उन्होंने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों, अपनी दिवंगत पत्नी कमला के प्रति अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करता हूं।