कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपना संगठन मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश के प्रभारी पार्टी महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, हालांकि गठबंधन पर आखिरी फैसला हाईकमान लेगा। मुंबई में कांग्रेस के नॉर्थ इंडियन सेल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अविनाश पांडे और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पूरे राज्य में जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
तैयारियों में जुटी कांग्रेस
अविनाश पांडे ने कहा कि कांग्रेस ने अब तक लगभग 1.69 लाख बूथ-स्तरीय एजेंट नियुक्त किए हैं, जो लगभग सभी पोलिंग बूथों पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभ्यास के तहत वोटर वेरिफिकेशन में लगे हुए हैं, जबकि यूपी में लगभग दो लाख पार्टी कार्यकर्ताओं को रजिस्टर और ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने कहा कि जनवरी से अगले दो महीनों में पूरे उत्तर प्रदेश में 17 से अधिक जनसभाएं होंगी। पांडे ने कहा कि विपक्ष ने राज्य में 40 से अधिक सीटें जीती थीं।उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में मजबूती से पैर जमाए बिना कांग्रेस केंद्र में सत्ता में वापस नहीं आ सकती। गठबंधन के सवाल पर पांडे ने कहा कि अभी इस पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी, लेकिन जोर देकर कहा कि पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
सीएम-पीएम के बीच मतभेद- अजय राय
अजय राय ने कहा कि मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच मतभेद हैं। उन्होंने दावा किया, हमने लोकसभा चुनावों में भाजपा को पहले ही हार का स्वाद चखा दिया है और अब विधानसभा चुनावों में सरकार बदल देंगे। राय ने आरोप लगाया कि भाजपा के वादे बेनकाब हो गए हैं और लोग अब पैसे के लिए भी पार्टी का साथ नहीं देंगे। यूपी में कफ सिरप विवाद पर उन्होंने आरोप लगाया कि सिरप बेचने वाले व्यापारियों को भाजपा का संरक्षण मिला हुआ है।
बीएमसी चुनावों का जिक्र करते हुए पांडे ने कहा कि भाजपा और दूसरी पार्टियों के उलट कांग्रेस मुंबई में उत्तर भारतीयों को सबसे अधिक सम्मान देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान ही पहली बार एक उत्तर भारतीय मेयर चुना गया था और समुदाय के चार मंत्रियों को शामिल किया गया था, जबकि भाजपा ने अभी तक समुदाय के किसी भी व्यक्ति को मंत्री नहीं बनाया है।
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बीएमसी चुनावों के लिए बनाई ये रणनीति
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुंबई में उत्तर भारतीय वोटरों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है और यह भी एक कारण था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ कोई समझौता नहीं हुआ। लगभग दो करोड़ की आबादी में से 40 लाख से अधिक उत्तर भारतीय मुंबई में रहते हैं और कांग्रेस उन तक पहुंचने के लिए मिलकर कोशिश कर रही है। उत्तर भारतीय सेल के प्रमुख अवनीश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मुंबई में प्रचार करेंगे और हर उत्तर भारतीय वोटर से जुड़ने की कोशिश की जाएगी।