कस्टडी (हिरासत) में होने वाला उत्पीड़न गंभीर चिंता का विषय है। पूर्व कानून मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के वकील और वरिष्ठ कांग्रेस के नेता डा. अश्विनी कुमार ने इसको लेकर गंभीर चिंता जताई है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संदर्भ में नया कानून बनाए जाने की मांग की है। अश्विनी कुमार ने इसको लेकर खुद प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
अमर उजाला से बातचीत में डा. अश्विनी कुमार ने बताया कि यह गंभीर विषय है। पुलिस कस्टडी में होने वाली मौत तो हमारे कानून व्यवस्था पर ही एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस संबंध में कुमार ने एक जनहित याचिका भी दायर की थी। कुमार के मुताबिक अटॉर्नी जनरल ने अदालत को सरकार द्वारा इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और कानून लाने का आश्वासन दिया है। इसी आधार पर उच्चतम न्यायालय ने इस विषय को केंद्र सरकार के ऊपर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उनसे लोगों की निजता की रक्षा के लिए भी कदम उठाने की मांग की है। देश के नागरिकों की निजता उनके मूल अधिकार से जुड़ा मामला है। करीब 25 मिनट की मुलाकात के दौरान डा. कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भी दिया। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुसार प्रधानमंत्री ने उनकी चिंताओं को ध्यान से सुना। उन्होंने माना कि यह चिंता के विषय हैं और मानवीय आधार पर महत्वपूर्ण हैं। सरकार इस पर विचार करेगी।