लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार डील के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील में सरकार ने किसानों की मेहनत और खून पसीने को बेच दिया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वे दबाव में हैं। उन्होंने सरकार पर संसद में बोलने से रोकने का भी आरोप लगाया।
लोकसभा में मंगलवार को जबरदस्त हंगामे के बाद संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "सरकार घबराई हुई है। जो ट्रेड डील चार महीने से रुकी हुई थी, उसमें कुछ बदला नहीं और सोमवार शाम उस ट्रेड डील को साइन कर दिया गया। इसके पीछे क्या कारण है, जिन्हें वे स्वयं और प्रधानमंत्री जानते हैं? कांग्रेस सांसद ने कहा, "केंद्र सरकार पर भयंकर प्रेशर है। उनकी इमेज का जो गुब्बारा है, जिसे हजारों करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया था, वो फूट सकता है।
संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, असल में समस्या नरवणे जी (पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे) का बयान नहीं है, ये साइड शो है। सरकार को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है। किसने किया है, कैसे किया है ये देश की जनता को सोचना है। उन्होंने कहा, "इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने दिया गया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के किसानों को समझना चाहिए कि इस ट्रेड डील में आपकी मेहनत और खून-पसीने को सरकार ने बेच दिया है। ये इसलिए बेचा है क्योंकि वो कॉम्प्रोमाइज्ड है। उन्होंने कहा, "सरकार ने सिर्फ किसानों को ही नहीं, पूरे देश को बेच दिया है। इसलिए मुझे संसद में बोलने नहीं दे रहे हैं। सरकार डरी हुई है क्योंकि जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई है, वही लोग उनकी इमेज को फोड़ने में लगे हैं।
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राहुल गांधी ने लेख को किया प्रमाणित
इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उस लेख की प्रति को प्रमाणित किया जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित 'संस्मरण' का हवाला दिया गया था। उन्होंने इसे प्रमाणित करते हुए सदन के पटल पर रखा। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा। राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे प्रमाणित करें। मैं आज इसे प्रमाणित कर रहा हूं।
मैं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर बोलना चाहता हूं- राहुल गांधी
इसके बाद विपक्ष के नेता ने कहा, 'राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंध। इस लेख में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है जिसकी मैंने पुष्टि की है। यह प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में बात करता है... हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस मार्ग के बारे में था जिस पर भारत को आज चलना है। विश्व मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों का मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का केंद्र बिंदु है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और हमारे प्रधानमंत्री ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, उस पर एक बयान देने दीजिए। मुझे क्यों रोका जा रहा है?'
तीन सांसदों का बोलने से किया इनकार
वहीं जब राहुल गांधी ने अपनी चीन राग अलापना जारी रखा तो स्पीकर ने कई अन्य सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। तो राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के तीन सांसद नरेश उत्तम पटेल, शताब्दी राय, डीएम खातिर आनंद ने बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया और सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
सुबह से दूसरी बार लोकसभा की कार्यवाही बाधित
बजट सत्र के पांचवें दिन सुबह 11 सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद दो बार बाधित हुई। पहली बार लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने के बाद दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो यह भी 14 मिनट से ज्यादा देर नहीं चल सकी।
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