भारत के क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) में शामिल नहीं होने के फैसले को कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। शर्मा ने मंगलवार को कहा, आरसीईपी में शामिल नहीं होने का फैसला देश को पीछे ले जाने वाला है। एशिया प्रशांत एकीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा बनना भारत के रणनीतिक व आर्थिक हितों में है।
मनमोहन सरकार में वाणिज्य व उद्योग मंत्री रहे शर्मा ने कहा, इस फैसले से हटने से भारत को आरसीईपी के हिस्से के तौर पर चली आ रही समझौता वार्ता की उपेक्षा की गई है। हम अपने हितों की रक्षा के लिए उपायों पर बातचीत कर सकते थे। आरसीईपी से बाहर रहना भारत के हित में नहीं है।