गुजरात राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने वाले अहमद पटेल पार्टी के लिए चाणक्य के रूप में जाने जाते हैं। कहा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की राजनीति में पैठ पटेल ने ही बनाई थी। अहमद पटेल, काफी लंबे से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम रहे हैं। बता दें कि 1977 के आम चुनाव में हार का सामना करने वाली कांग्रेस केअहमद पटेल ही जीत हासिल कर संसद पहुंचने में सफल साबित हुए थे।
ये है अहमद पटेल के राजनीतिक सफर की 10 बड़ी बातें....
1. गुजरात के अंकलेश्वर में 21 अगस्त 1949 को पैदा हुए अहमद पटेल ने श्री जयेंद्र पुरी आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज भरूच से बीएससी (स्नातक) किया।
2. आजादी के बाद से कांग्रेस का देश पर शासन रहा था लेकिन 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस को जनता दल से करारी हार मिली। लेकिन 26 साल की उम्र में अहमद पटेल इस चुनाव में जीत हासिल करने में कामयाब हुए। पटेल की जीत से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी समेत राजनीति के धुरंधरों को धक्का लगा था।
3. कांग्रेस के लिए अहमद पटेल एक युवा नेता के तौर पर उभरकर आए। उन्होंने 1977 से 1985 तक गुजरात की यूथ कांग्रेस कमेटी की कमान संभाली। सितंबर 1983 से दिसंबर 1984 तक वो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी रहे। वहीं, 1985 में जनवरी से सितंबर तक वो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसदीय सचिव भी रहे।
4. इसके बाद अहमद पटेल 1985 में कांग्रेस की ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी बनाए गए। फिर 1986 से 1988 तक गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष पद को संभाला।
5. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 में देश के प्रधानमंत्री बने नरसिम्हा राव के समय में पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य घोषित किया गया।
6. राजनीति में पर्दे के पीछे से काम करना अहमद पटेल को पसंद है इसलिए कभी कैमरे के आगे आकर राजनीति नहीं की। वे 1993 में राज्यसभा सदस्य बने।
7. साल 1996 में पटेल ने अपनी तरक्की में एक कदम और आगे बढ़ाया और वो पार्टी के लिए कोषाध्यक्ष के तौर पर चुने गए। इसके बाद वे साल 2000 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निजि सचिव के लिए चुने गए। लेकिन पार्टी में ही मनमुटाव होने के चलते उन्हें ये पद छोड़ना पड़ा। लेकिन जल्द ही 2001 में वे सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार के तौर पर उभरकर निकले।
8. बता दें कि सन 2004 और 2009 में एनडीए से यूपीए के हाथ में सत्ता लाने का श्रेय भी अहमद पटेल को दिया जाता है। इस दौरान उन्होंने सरकार के कई अहम फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाई है।
9. सबसे बड़ी बात ये है कि अहमद पटेल और अमित शाह एक दूजे को फूटी आंख नहीं भाते हैं। बताया जाता है कि यूपीए ने पटेल के इशारे पर ही शाह को कई बार घेरा था।
10. जानकारों का कहना है कि पटेल समुदाय को बीजेपी के खिलाफ खड़ा करने वाले अहमद पटेल ही है। वहीं, 2019 में आने वाले आम चुनावों में दोनों में कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है।