Karnataka Politics: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भ्रम हाईकमान नहीं बल्कि राज्य स्तर पर है। सिद्धारमैया ने पांच साल पूरे करने का दावा दोहराया, जबकि डीके शिवकुमार भी दावेदार बने हुए हैं।
कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि राज्य में नेतृत्व को लेकर जो भ्रम दिख रहा है, वह कांग्रेस हाईकमान की वजह से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर पैदा हुआ है। खरगे के इस बयान के बाद सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक बार फिर सियासी तूल पकड़ लिया है।
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खरगे ने कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने किसी तरह का भ्रम नहीं फैलाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भ्रम स्थानीय स्तर पर है, तो उसका दोष हाईकमान पर डालना कैसे सही हो सकता है। खरगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को ही लेनी चाहिए, न कि दिल्ली पर उंगली उठानी चाहिए।
2023 की जीत से शुरू हुआ विवाद
कर्नाटक में सत्ता संघर्ष की कहानी मई 2023 से शुरू होती है, जब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला। इसके बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उसी समय से दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अनौपचारिक तौर पर 2.5 साल का फॉर्मूला चर्चा में रहा, हालांकि पार्टी ने कभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
नवंबर में तेज हुई अटकलें
राज्य सरकार ने जब 20 नवंबर को अपने कार्यकाल का आधा समय पूरा किया, तो एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गईं। डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। वहीं, सिद्धारमैया ने साफ कहा कि वह पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उन्हें हाईकमान पर पूरा भरोसा है।
पांच साल पूरे करने का दावा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दो टूक कहा कि उन्होंने कभी 2.5 साल का फॉर्मूला नहीं माना। उनका कहना है कि उन्होंने केवल पांच साल के कार्यकाल की बात की है और उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस हाईकमान उन्हें यह जिम्मेदारी निभाने देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर इस तरह की चर्चाएं बेवजह माहौल खराब कर रही हैं।
जीत का श्रेय अकेले न लें नेता
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिना किसी का नाम लिए नेताओं को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि चुनावी जीत किसी एक व्यक्ति की देन नहीं होती। कांग्रेस को खड़ा करने का काम लाखों कार्यकर्ताओं ने किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से ही कांग्रेस को सफलता मिली है और किसी को अकेले इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए। खरगे का यह संदेश साफ तौर पर पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।