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पीएम-दक्ष योजना लागू करने में नाकामी का आरोप: जयराम रमेश का पीएम पर निशाना, कहा- अब झोला उठाने का वक्त आ गया

Wed, 21 Oct 2026 02:57 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने पीएम-दक्ष योजना के क्रियान्वयन में कथित कमियों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि दो साल तक योजना लागू नहीं होने और पहले आवंटित धन का इस्तेमाल न किए जाने से वंचित वर्गों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने का उद्देश्य प्रभावित हुआ है।
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कांग्रेस सांसद जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पीएम-दक्ष योजना को लागू करने में कथित खामियों को लेकर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि जो सरकार एक योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। विपक्षी पार्टी ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार की विदाई की तारीख करीब आ गई है और अब 'झोला उठाने का वक्त आ गया है'।
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कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने मीडिया की एक खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया। इसमें दावा किया गया था कि 'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही' (पीएम-दक्ष) योजना को लागू करने में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों, विमुक्त और घुमंतू जनजातियों तथा सफाई कर्मचारियों सहित पात्र लोगों को कौशल प्रशिक्षण देना है, ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर लगाए क्या आरोप?
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हिंदी में लिखा, "'नाम बड़े और दर्शन छोटे!' योजना प्रधानमंत्री के नाम पर है, लेकिन जमीन पर इसके नतीजे भी उनके दावों की तरह पूरी तरह शून्य हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का असली एजेंडा बड़े-बड़े विज्ञापन देना, सुर्खियों को अपने हिसाब से संभालना और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं करना है।
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रमेश ने कहा कि पीएम-दक्ष योजना को दो साल तक लागू नहीं किया जाना और पिछले वर्षों में आवंटित बजट का इस्तेमाल नहीं होना, मोदी सरकार की एक और बड़ी नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने दावा किया कि वंचित वर्गों को कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को केंद्र सरकार ने महज कागजी कार्रवाई तक सीमित कर दिया है।

कांग्रेस नेता बोले- झोला उठाने का वक्त आ गया है
कांग्रेस नेता ने कहा, "जो सरकार एक योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकती, जिसका नाम खुद प्रधानमंत्री के नाम पर है और जिसे बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू किया गया था, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"

रमेश ने कहा, "पीएम मोदी, आपकी सरकार ने लोगों का भरोसा खो दिया है। इसकी विदाई की तारीख करीब है। 'झोला उठाने का वक्त आ गया है'। मोदी सरकार आखिर कब तक जेन-जी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रहेगी?" उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 240 सीटों पर सिमटने के बाद मोदी सरकार अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों और विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों से बदला ले रही है?

2020-21 में शुरू हुई थी पीएम-दक्ष योजना
पीएम-दक्ष केंद्र सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसे वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य लक्षित वर्गों को अच्छी गुणवत्ता वाले संस्थानों के माध्यम से बेहतर कौशल प्रशिक्षण देना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नौकरी मिल सके या वे स्वरोजगार शुरू कर सकें।

योजना के लक्षित लाभार्थियों में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विमुक्त और घुमंतू जनजातियां तथा सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इनमें कचरा बीनने वाले लोग भी आते हैं।

योजना में आधार आधारित सत्यापन के प्रावधान
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की 16 अक्टूबर 2026 की राजपत्र अधिसूचना में पीएम-दक्ष योजना के तहत आधार आधारित प्रमाणीकरण के प्रावधान शामिल किए गए हैं। अधिसूचना में पहचान सत्यापन, नामांकन और उन स्थितियों में वैकल्पिक दस्तावेजों के इस्तेमाल की प्रक्रिया बताई गई है, जब आधार प्रमाणीकरण सफल नहीं होता या किसी व्यक्ति को आधार नंबर आवंटित नहीं किया गया है।
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