पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद हो गया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करने वाले थे लेकिन उनसे पहले शुक्रवार को कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इसका भूमिपूजन कर दिया। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह प्रोजेक्ट उनके समय में मंजूर हुआ था इसलिए इस पर पहला अधिकार उनका है।
पृथ्वीराज चव्हाण शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ पुणे के स्वारगेट पहुंचे और उन्होंने प्रस्तावित मेट्रो रूट पर भूमिपूजन कर दिया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण मौजूद नहीं थे लेकिन पुणे कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व गृह राज्यमंत्री रमेश बागवे उपस्थित थे। दरअसल, कांग्रेस ने यह कदम एनसीपी के यूटर्न के बाद उठाया। पहले इसके उद्घाटन की तारीख तो तय थी लेकिन उद्घाटन कौन करेगा यह तय नहीं था।
पुणे महानगर पालिका में एनसीपी की सत्ता है, इसलिए इसका भूमिपूजन शरद पवार के हाथों करने की योजना बनाई गई थी। कांग्रेस ने इसका समर्थन किया था। इस बीच पीएम मोदी को समय मिल गया। उसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी सुप्रीमो को भूमिपूजन समारोह में शामिल होने का न्योता देकर कांग्रेस को झटका दे दिया। इससे नाराज कांग्रेसियों ने श्रेय लेने के लिए एक दिन पहले ही मेट्रो प्रोजेक्ट का भूमिपूजन कर दिया।