भाजपा ने कांग्रेस के किसानों से किये गए वायदे पर करारा हमला किया है। पार्टी ने कहा कि कर्नाटक हो या मध्यप्रदेश और राजस्थान, कांग्रेस किसानों से वायदे तो बहुत करती है, लेकिन देने के नाम पर कांग्रेस के पास कुछ नहीं होता। अगर कांग्रेस ने किसानों के हितों की चिंता की होती तो आज उनकी यह हालत न होती। पार्टी ने किसानों की मौजूदा हालत के लिए देश में कांग्रेस की पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहरा दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में किसानों से कर्जमाफी का वायदा किया था। लेकिन अब किसानों से कर्जमाफ करने के लिए 52 बिंदुओं पर जानकारी मांगी जा रही है। उनका आरोप है कि इस मापदंड पर कर्नाटक का पंद्रह फीसदी किसान भी खरा नहीं उतरेगा। ऐसे में किसानों से कर्जमाफी का वायदा एक धोखे के सिवा और कुछ नहीं है।
किसानों से बेरुखी में भाजपा भी कम नहीं
भाजपा ने भी उत्तरप्रदेश में पिछला विधानसभा चुनाव जीतने के लिए किसानों की कर्जमाफी योजना का ही सहारा लिया था। परिणाम हुआ कि उत्तरप्रदेश में एक ऐतिहासिक जनादेश प्राप्त करते हुए भाजपा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। लेकिन जब सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का वायदा निभाया तो कई किसानों को आठ रुपये से दस रुपये तक के चेक बांटे गए। इसके बाद भाजपा को किसानों की भारी नाराजगी झेलनी पड़ी।
क्या कहते हैं किसान
ऑल इंडिया किसान संघर्ष समिति के संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों से वायदा करके उनका वोट तो हासिल कर लिया जाता है, लेकिन जब वायदा पूरा करने की बारी आती है तो सरकारें तकनीकी सवालों के पीछे अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करने लगती हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तीन राज्यों के चुनाव परिणाम से बहुत खुश होने की जरुरत नहीं है क्योंकि अगर वह अपना वायदा नहीं निभाती है तो सामने लोकसभा चुनाव भी हैं जिसमें उसे नाराज किसानों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वहीं भाजपा को भी समझना चाहिए कि उनकी हार किस वजह से हुई। भाजपा को किसानों की हितैषी योजनाएं लागू करनी चाहिए।