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Congress: 'तमिलनाडु में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं मोहन भागवत', जानें क्यों भड़की कांग्रेस

Thu, 11 Dec 2025 11:03 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपरमकुंद्रम पहाड़ी पर दरगाह के पास स्थित एक मंदिर में 'कार्तिगई दीपम' जलाने की अनुमति देने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस ने गुरुवार को आरएसएस पर तमिलनाडु में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि दक्षिणी राज्य में हिंदू मंदिरों की सदियों पुरानी परंपराओं में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में तिरुपरमकुंद्रम मुद्दे को हिंदुओं की ताकत के आधार पर राज्य में ही हल किया जा सकता है।

आरएसएस चीफ भागवत ने बुधवार को तिरुचिरापल्ली में कहा था, 'तिरुपरमकुंद्रम के मुद्दे को अगर आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो ऐसा किया जाएगा। यह मामला फिलहाल अदालती सुनवाई के अधीन है। इसे सुलझने दीजिए।" 
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उनकी टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर ने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि मोहन भगवत तमिलनाडु में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहते हैं, क्योंकि आरएसएस को सांप्रदायिक तनाव पैदा करना, घरों, गांवों, सड़कों, कस्बों और शहरों को जलाना पसंद है।' कांग्रेस सांसद ने कहा, 'आरएसएस का मुख्य काम सांप्रदायिक विभाजन फैलाना है। यह तमिलनाडु में भी यही करना चाहता है। मुझे उम्मीद है कि तमिलनाडु हिंसा के विचार को नकार देगा।'

वहीं, कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी तमिलनाडु को नहीं समझते हैं। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु और राज्य के लोग शायद सभी लोगों में सबसे अधिक हिंदू हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं। हम मंदिर जाने वाले, रूढ़िवादी और रीति-रिवाजों का पालन करने वाले लोग हैं। ये मुद्दे तभी उठते हैं जब बाहरी लोग हमारी प्रथाओं में हस्तक्षेप करते हैं और ऐसी प्रथाएं थोपने की कोशिश करते हैं जो हमारे रीति-रिवाजों का हिस्सा नहीं हैं।'

चिदंबरम ने कहा, 'तिरुप्पारंगुनराम मंदिर के आसपास विभिन्न धर्मों के लोग बड़ी सद्भाव से रहते आए हैं। तिरुप्पारंगुनराम में हमेशा से चली आ रही परंपराएं आगे भी जारी रहेंगी। बाहरी एजेंसियों या संगठनों की कोई भी दखलअंदाजी नामंजूर है।'

तिरुचिरापल्ली में आयोजित 'संघ की 100 साल की यात्रा- नए क्षितिज' कार्यक्रम में एक प्रश्न के उत्तर में भागवत ने कहा, 'मुझे लगता है कि तमिलनाडु में हिंदुओं की जागृति वांछित नतीजा लाने के लिए काफी है।'

उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो तमिलनाडु में भी हिंदू संगठन काम कर रहे हैं। वे हमें बता देंगे। तब हम इस बारे में सोचेंगे।' आरएसएस प्रमुख ने कहा, 'फिलहाल, मुझे लगता है कि इस मुद्दे का समाधान तमिलनाडु में हिंदुओं की ताकत के आधार पर ही हो सकता है।'

डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के श्रद्धालुओं को मदुरै के पास एक दरगाह के नजदीक तिरुपरमकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पत्थर के दीपक स्तंभ पर पारंपरिक 'कार्तिगई दीपम' जलाने की अनुमति दी गई थी।
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