मोदी को हटाना ही इकलौता मकसद
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने विकास और सुशासन के मुद्दे पर चुनाव लड़े और एक के बाद एक राज्य में ऐतिहासिक जीत हासिल की। भरोसा है कि लोग भाजपा पर फिर विश्वास जताएंगे। मोदी को हटाना ही विपक्ष का इकलौता मकसद है। विपक्षी एकता मोदी से नफरत पर टिकी है।
महागठबंधन का मकसद राष्ट्रहित नहीं
मोदी ने मौजूदा महागठबंधन की तुलना 1977 और 1989 के गठबंधन से करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 1977 में गठबंधन का मकसद आपातकाल के कारण संकट में पड़े लोकतंत्र की रक्षा करना था। इसके बाद 1989 में बोफोर्स के रिकार्ड-तोड़ घोटाले के खिलाफ विपक्ष एकजुट हुआ था। आज के गठबंधनों का मकसद राष्ट्रहित के बजाय निजी हित है।
विपक्ष में सभी प्रधानमंत्री उम्मीदवार
मोदी ने कहा कि विपक्ष का पूरा ध्यान सत्ता पर फिर कब्जा करने पर है। राहुल गांधी कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं, जबकि ममता बनर्जी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं। ममता बनर्जी से वामदलों को दिक्कत है। समाजवादी पार्टी को लगता है कि उनके नेता पीएम पद के ज्यादा हकदार हैं। विपक्ष का ध्यान जनता की तरक्की के बजाय सत्ता की राजनीति पर है।
राजग में भरोसा बनाए रखना अनिवार्य
राजग के सहयोगी दलों की एकजुटता पर मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए गठबंधन अनिवार्य नहीं है, बल्कि एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा और विभिन्नताओं से भरा राजग अच्छा है। राजग क्षेत्रीय अपेक्षाओं के सम्मान को लेकर प्रतिबद्ध है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव, 2014 में बहुमत हासिल किया, लेकिन अपने सहयोगी दलों का साथ नहीं छोड़ा।
मैं शहंशाह नहीं, लोगों की गर्मजोशी देखकर कार में बैठा नहीं रह सकता : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह कोई शहंशाह या राजशाही शासक नहीं हैं। वह गलियों और सड़कों पर खड़े लोगों की गर्मजोशी देखने के बाद कार में बैठे नहीं रह सकते। उन्हें लोगों के बीच जाने और उनसे बात करके ऊर्जा मिलती है। गौरतलब है कि हाल में गृह मंत्रालय ने जान को खतरा बताते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है।
एसपीजी ने भी उन्हें रोडशो के बजाय जनसभाएं करने की सलाह दी थी। पीएम ने कहा, ‘जब मैं दौरों पर जाता हूं और हर उम्र व वर्ग के लोगों को मेरे स्वागत के लिए इंतजार करते देखता हूं तो खुद को उनके बीच जाने से नहीं रोक पाता।’