गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में एक हफ्ते से चल रही कसरत पर शुक्रवार को फिलहाल ब्रेक लग गया। गठबंधन की संभावना कम होता देख सपा ने शुक्रवार को 208 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुनाव मैदान में अकेले उतरने का संदेश दे दिया।
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समाजवादी पार्टी ने उन सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिन पर कांग्रेस का कब्जा है। हालांकि सपा उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने यह कहकर गठबंधन की संभावनाएं कायम रखी हैं कि कांग्रेस को 84-85 सीटें दी जा सकती हैं।
जहां तक सपा की बात है तो उसने 20 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से तनातनी के बावजूद शिवपाल यादव को जसवंत नगर से टिकट दिया गया है। हालांकि, उनके कई नजदीकी लोगों का पत्ता साफ हो गया है।
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सर्वाधिक 56 टिकट मुस्लिमों को और 24 यादवों को दिए गए हैं। सपा ने 19 महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया है। इसमें पहले चरण की सभी 73 और दूसरे चरण की 67 में से 66 सीटों के उम्मीदवार शामिल हैं। अन्य उम्मीदवार तीसरे और पांचवें चरण में मतदान वाली सीटों पर हैं।
सीटों के बंटवारे पर बिगड़ी बात
- फोटो : AmarUjala
सपा-कांग्रेस में गठबंधन को लेकर तो सहमति बन गई थी, लेकिन सीटों के बंटवारे पर बात बिगड़ गई। सपा ने कांग्रेस को 100 सीट देकर उसे रालोद व अन्य दलों के बीच सीटों का बंटवारा करने के लिए कहा था। रालोद से बातचीत टूटने पर भी कांग्रेस 100 सीटें चाहती थी। इस पर सपा राजी नहीं हुई।
माना जा रहा है कि कांग्रेस के अमेठी, रायबरेली की सभी सीटों पर लड़ने और ज्यादा सीट मांगने के चलते अखिलेश यादव ने बातचीत बंद कर शुक्रवार को पहले 191 और दोपहर बाद 19 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। बाद में, बरेली के दो टिकट निरस्त कर दिए गए। इस तरह सपा ने 208 उम्मीदवारों का एलान कर दिया।
सूची में हत्या, अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी भी
मुख्यमंत्री अखिलेश के दागियों से दूरी बनाने के बावजूद हत्या के आरोपियों को भी टिकट दिया गया है। माफिया अतीक अहमद को टिकट भले ही नहीं दिया गया, लेकिन ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड के आरोपी रहे विजय सिंह को फर्रूखाबाद, अपहरण व बलात्कार के आरोपी रहे आनंदसेन को बीकापुर से और बलात्कार के आरोपी मनोज पारस को नगीना से टिकट दिया हैं। एनआरएचएम घोटाले में जेल जा चुके मुकेश श्रीवास्तव को पयागपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। मुकेश कांग्रेस विधायक हैं और दलबदल करके सपा में आए हैं। बाहुबली अभय सिंह को गोसाईगंज सीट से उम्मीदवार बनाया है।
20 विधायकों के टिकट काटे
अखिलेश ने 20 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं। इनमें शिवपाल के करीबी रघुराज शाक्य (इटावा), प्रमोद गुप्ता (विधूना), आशीष यादव (एटा), नजीबा जीनत खान (पटियाली), रामवीर यादव (जसराना), ओमप्रकाश वर्मा (शिकोहाबाद) मुख्य हैं।
सपा ने परिवार के कई-कई सदस्यों को टिकट दिया है। आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला, नाहिद हसन और उनकी मां तबस्सुम हसन को प्रत्याशी बनाया है।
अखिलेश की पहली लिस्ट से 12 प्रत्याशी बदले
अखिलेश ने 237 प्रत्याशियों की जो लिस्ट जारी थी, उसमें से 12 प्रत्याशी बदल दिए हैं। सबसे प्रमुख बदलाव मैनपुरी की करहल सीट पर किया गया है, जहां सीएम ने चचेरे भाई अंशुल यादव की जगह मौजूदा विधायक सोबरन सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया है। सोबरन, सपा मुखिया मुलायम के दोस्त दर्शन सिंह के भाई हैं।
कांग्रेस विधायक को टिकट
सपा ने देवबंद उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले माविया अली को टिकट देकर कांग्रेस को झटका दिया है। माविया कांग्रेस के टिकट पर सपा प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीते थे।
कांग्रेस की 10 सीटों पर उतारे प्रत्याशी
सपा ने कांग्रेस की 10 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इनमें शामली, स्याना, हापुड़, खुर्जा, मथुरा, देवबंद, स्वार, बिलासपुर, किदवई नगर और पयागपुर सीट शामिल हैं। देवबंद और पयागपुर के कांग्रेस विधायकों को सपा ने उनकी पुरानी सीटों से टिकट दिया है।
बेटे को कैसरगंज से टिकट, बेनी नाराज
बेटे राकेश वर्मा को बाराबंकी की रामनगर सीट से टिकट नहीं दिए जाने से वरिष्ठ सपा नेता बेनी प्रसाद वर्मा नाराज हैं। सपा ने राकेश को बहराइच की कैसरगंज सीट से टिकट दिया है।