तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव से कुछ माह पहले पार्टी की राज्य इकाई के लिए भारी-भरकम समितियां गठित करने से कांग्रेस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कदम पार्टी के विभिन्न गुटों को साथ लाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को जीत हासिल होगी।
हाल में कई समितियां गठित हुईं थीं, जिस पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि इन समितियों को बनाने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा। इनमें से किसी के पास भी कोई ताकत नहीं होगी, जिसका मतलब यह कि किसी की कोई जवाबदेही भी नहीं होगी।
इनमें कई समितियों में शामिल अय्यर ने उम्मीद जताई कि विधानसभा चुनाव में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन आसानी से जीत हासिल करेगा। अय्यर का मानना है कि इस गठबंधन का मुकाबला ‘बहुत ज्यादा बंटी हुई’ एआईएडीएमके से होने जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अगर एआईएडीएमके का कोई धड़ा या फिर पूरी पार्टी ही भाजपा के साथ हाथ मिलाती है तो यह उसके लिए और भी नुकसानदेह होगा। इस वजह यह है कि तमिलनाडु में कभी हिंदू-मुस्लिम विभाजन जैसी कोई बात नहीं रही और आज भी नहीं है। राज्य में एआईएडीएमके की सरकार है और यह पार्टी अपनी शीर्ष नेता जयललिता के निधन के बाद पहला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।