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कांग्रेस की कर्नाटक सरकार को बर्खास्त करने की मांग, प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

Wed, 13 Nov 2019 06:42 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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manu singhvi - फोटो : Amar Ujala (File)
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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 17 कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को सही ठहराया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि एचडी कुमारस्वामी सरकार को अनैतिक तरीकों से गिराया गया था। कांग्रेस ने मांग की कि केंद्र सरकार को कर्नाटक सरकार को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए क्योंकि इसे गलत तरीके से बनाया गया है। अगर प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करते हैं तो राजनीति की गंगा को गंदी करने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की ही होगी।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह भी स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को गलत तरीके से खरीद-फरोख्त करके अपने पाले में मिलाया गया था। अब इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि विधायकों को खरीदने के लिए धन कहां से लाया गया। सिंघवी ने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि क्या वह इन दलबदलू विधायकों को टिकट देकर अपने साथ शामिल करेगी या नहीं?  

कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा आपरेशन कमल के जरिए विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती रही है। इससे आपरेशन कमल की अपवित्रता जनता के सामने साफ हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का नाम बदलकर 'भगोड़ा जुटाओ पार्टी' कर देना चाहिए क्योंकि यह भगोड़े नेताओं के जरिए चल रही है।
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दरअसल, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था। इन विधायकों ने अप्रत्यक्ष रुप से भाजपा की  येदियुरप्पा सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी। इन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों को अयोग्य करार देने के फैसले को सही करार दिया। हालांकि, उसने इन विधायकों को आगामी पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव को लड़ने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका एक अथॉरिटी जैसी होती है। वे यह तय नहीं कर सकते कि विधायक कब तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

 

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