कांग्रेस ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु की इस्तीफे की पेशकश को लीपापोती बताया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री रेल मंत्री को तत्काल पदमुक्त करें। कांग्रेस का कहना है कि रेल मंत्री बदल देने से भी स्थिति नहीं बदलेगी जब तक सरकार के पास यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित ठोस रोडमैप नहीं होगा। तीन सालों में दो रेल मंत्री बदले जा चुके हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि प्रधानमंत्री अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन के ड्रीम को पूरा करने के लिए जापान से एक लाख करोड़ का लोन ले सकते हैं कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े 46 हजार करोड़ क्यों नहीं देती है।
उनका कहना है कि बीते दशक में 2016-17 में सर्वाधिक रेल हादसे हुए हैं। रेलवे में एक लाख चालीस हजार पद खाली हैं जिसमें अधिकतर पद रेलवे सुरक्षा से जुड़े हैं। लगातार यात्रियों की सुरक्षा से समझौता हो रहा है।
जबकि तीन सालों में यात्रियों के किराये में 70 फीसदी तक वृद्धि और माल भाड़ा भी बढ़ाया जा चुका है। रेलवे का घाटा बढ़कर 30 हजार करोड़ हो चुका है। उनका कहना है कि बीते 16 सालों में सबसे बदत्तर स्थिति है रेल को सौ रुपए कमाने के लिए 109 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
कांग्रेस ने रेल मंत्री पर आरोप लगाया कि न तो उनमें मैनेजरियल लीडरशिप है और नहीं राजनीतिक जिम्मेदारी तय कर पा रहे हें। खतौली रेल हादसा मैन मेड डिजास्टर था।
जहां मरम्मत का काम 16 महीनों से पूरा नहीं हुआ पटरी में नट-बोल्ट तक नहीं थे। आए दिन दुर्घटनाएं और रेल का जिस प्रकार पटरी से उतरना है उससे साफ है कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है पूरी सुरक्षा पर प्रश्नचिंह खड़ा है।