कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच कांग्रेस की मांग
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कोरोना वायरस प्रकोप और लॉकडाउन के बीच कांग्रेस ने सोमवार को मांग की कि निजी सेक्टर में कर्मचारियों की छंटनी न हो इसके लिए केंद्र सरकार एक कानून लेकर आए। कांग्रेस ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन को देखते हुए अगस्त तक किसी भी निजी सेक्टर के कर्मचारी की नौकरी नहीं जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को एमएसएमई सेक्टर कर्मचारियों का 70 फीसदी वेतन खर्च वहन करना चाहिए व मार्च से मई तक तीन महीने का वेतन भी देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में इस वक्त करीब 4.25 करोड़ एएसएमई हैं और जीडीपी में इनका योगदान 29 फीसदी है जो करीब 61 लाख करोड़ होता है।
साथ ही वल्लभ ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उन्हें भी इस मुश्किल वक्त में मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ट्रांसपोर्टरों को डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के जरिए तीन महीने के वेतन जितनी मदद देनी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि देश में करीब 30 लाख ट्रक ड्राइवर हैं और इससे करीब 25 हजार करोड़ रुपये का बोझ आएगा। ऐसा करने से जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एक ऐसा कानून पास करना चाहिए जिससे निजी कंपनियां छह महीने तक कर्मचारी को नौकरी से न निकाल सके। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट वेतन संरचना में 15 फीसदी कर्मचारी बेहद कम वेतन पाते हैं, ऐसे में सरकार को उन्हें आधी सैलरी देनी चाहिए।