पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसे लेकर एक समिति का गठन किया गया है। पार्टी ने सोमवार को बताया कि यह चार सदस्यीय समिति पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे और संयुक्त कार्यक्रमों के संबंध में वाम दलों के साथ वार्ता करेगी।
अधीर रंजन चौधरी, अब्दुल मन्नान, प्रदीप भट्टाचार्य और नेपाल महतो को इस चार सदस्यीय समिति का सदस्य बनाया गया है। अधीर रंजन चौधरी इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। बिहार विधानसभा चुनावों में लचर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और पश्चिम बंगाल चुनाव में उस पर बेहतर करने का दबाव है।
येचुरी का आरोप, चुनाव के ध्रुवीकरण की कोशिश में भाजपा और तृणमूल
उधर, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पर पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के धुव्रीकरण के प्रयासों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में इन दोनों राजनीतिक ताकतों के ऐसे प्रयासों को विफल करने की मंशा रखने वालों को वैकल्पिक नीतियां अपनानी चाहिए। माकपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की सहमति के बाद दोनों दल अप्रैल-मई में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया में हैं।
पश्चिम बंगाल में माकपा के मुखपत्र 'गणशक्ति' की 54वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में येचुरी ने कहा, 'अगर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक रूप से हराना है तो वैकल्पिक नीतियां अपनाए जाने की बहुत आवश्यकता है।' माकपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के अलावा भाजपा भी बिगड़ती आर्थिक स्थिति, लॉकडाउन के दौरान जनता की परेशानियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के प्रयास में जुटी हैं।