कांग्रेस छत्तीसगढ़ में चुनाव आचार संहिता उल्लघंन के कई मामलों को लेकर मंगलवार को चुनाव आयोग पहुंचीं। छत्तीसगढ़ में एक ओर दूसरे चरण का मतदान हो रहा था और दिल्ली में राज्य के प्रभारी और सांसद पीएल.पुनिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल चुनाव आयुक्त से मिला और अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पीएल पूनिया ने मुलाकात के बाद कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार बौखलाकर चुनाव प्रभावित करने के लिए कई तरह की हरकतें कर रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात चिरमिरी हाईस्कूल के हेडमास्टर वेद प्रकाश मिश्रा के घर तीन ईवीएम मशीनें मिलीं। आयोग के मुताबिक शायद वो सेक्टर प्रभारी है लेकिन आयोग ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में वो अपने घर ईवीएम नहीं रख सकते थे। बीती रात ही ईवीएम जब्त कर कार्रवाई की गई।
वहीं भाजपा के एक प्रत्याशी के पास से दो लाख रुपए बरामद हुए हैं। रात को पैसा बांटने का काम कर रहे थे उसमें एफआईआर हुई है लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। राज्य के अंबिकापुर से खबर मिल रही है कि जिन इलाकों में कांग्रेस मजबूत है वहां सुबह सात बजे पोलिंग शुरू नहीं हुई। कांग्रेस ने जानबूझकर ऐसे हथकंडे अपनाने का आरोप लगाकर मतदान समय बढ़ाने की मांग की।
इसी प्रकार चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद बतौर राज्य प्रभारी कांग्रेस को रुकने की इजाजत नहीं मिली जबकि भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन और संगठन मंत्री सौदान सिंह वहीं मौजूद रहे। उनका कहना है कि आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है। इसी प्रकार 17 नवंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रायपुर में बिना अनुमति रोड शो और उसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट नहीं दिए। उनको वोटिंग अधिकार से वंचित किया गया है।