फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस का स्वच्छता पर तंज- जिद्दी मैल भी साफ कर रही है भाजपा

Sat, 04 Nov 2017 01:51 PM IST
शशिधर पाठक
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान को निशाना बनाया है। इससे पहले प्रधानमंत्री के न खाऊंगा और न खाने दूंगा के वक्तव्य पर जोरदार हमला करने वाली कांग्रेस, अब भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा के दावे की हवा निकालने में जुट गई है। 
विज्ञापन


पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे लेकर भाजपा पर तंज कसा है। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा राजनीति में मौजूद जिद्दी मैल को साफ करने में जुट गई है।

मोदी शाह ‘Dry Cleaners’.
कोई भी दाग़ हो हम निकाल देंगे।
ज़िद्दी मैल भी साफ़!!! pic.twitter.com/85Sa3Jw0Ep— Randeep S Surjewala (@rssurjewala) November 4, 2017


सुरजेवाला की यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस के मुकुल रॉय, कांग्रेस के पंडित सुखराम और नारायण राणे को भाजपा में शामिल करने के बाद आई है। पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सुरजेवाला के इसी ट्वीट को आगे बढ़ाया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि भाजपा नये चलन को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन


पढ़ें: BJP के पास है मेरी फर्जी सेक्स सीडी, चुनाव से ठीक पहले होगी जारीः हार्दिक

वह दूसरे दलों के पुराने दागी नेताओं को पार्टी में शामिल करके राजनीतिक और सामाजिक शुचिता जैसे छलावे की बात कर रही है। इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल उठाया था। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सीबीआई और अन्य जांच एजेंसी के बढ़ रहे दुरुपयोग पर प्रधानमंत्री पर ताना कसा था।

तीन नवंबर को गुजरात में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री जी आपके पास सीबीआई है, पुलिस है, लेकिन मेरे पास सच्चाई है। राहुल का यह तंज केंद्रीय जांच एजेंसी के रवैये और केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेसी नेताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर है। 
विज्ञापन

जांच एजेंसियों के निशाने पर कांग्रेसी

कांग्रेस - फोटो : FILE PHOTO
गौरतलब है कि इस समय करीब-करीब हर राज्य के बड़े कांग्रेसी नेता या फिर विरोधी दलों के नेता किसी न किसी मामले में जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। जांच एजेंसियां इन्हें समन भेज रही हैं, पूछताछ कर रही हैं। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति सीबीआई और ईडी के रडार पर हैं तो हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी जांच एजेंसी का सामना कर रहे हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, खुद कांग्रेस अध्यक्ष के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से लेकर तमाम नेताओं पर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं।

भाजपा नेताओं पर हो रही मेहरबानी
कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि एक तरफ कांग्रेस और विरोधी दलों के नेताओं को जांच एजेंसियां फंसाने में लगी हैं, वहीं एमपी के व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने अभी तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की, जबकि इस मामले में करीब 50 गवाहों की हत्या हो चुकी है। जय शाह पर लगे आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जांच से बच रहे हैं। बिहार में सृजन घोटाले को लेकर भी जांच एजेंसी की संवेदनशीलता नहीं दिखाई पड़ रही है। इसके उलट भाजपा पुराने और दागी नेताओं को पार्टी में शामिल करके खुद दूध का धुला होने का दावा कर रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें